फिरोजाबाद। बसपा और सपा गठबंधन में दरार के संकेत मिलते ही जिले में सियासी हलचल तेज हो गई है। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने 11 सीटों पर होने वाले उप चुनाव में अपनी पार्टी के प्रत्याशी लड़ाने का एलान कर जिले में हलचल बढ़ा दी है। क्योंकि यूपी की जिन 11 विधानसभा सीटों पर चुनाव होना है उनमें जिले की टूंडला विधानसभा सीट भी शामिल है।
टूंडला विधानसभा सीट से राकेश बाबू एडवोकेट दो बार बसपा से विधायक रह चुके हैं। मायावती के सोमवार के बयान पर गौर किया जाए तो इस सीट पर बसपा चुनाव लडेगी। सपा ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं यदि गठबंधन टूटता है तो सपा भी यहां फउम्मीदवार उतार सकती है।
वैसे इस बार के लोकसभा चुनाव में सपा टूं़ृड़ला विधानसभा क्षेत्र से सर्वाधिक करीब 29 हजार वोटों से हारी थी जबकि बसपा से गठबंठन था। इस सीट से वर्तमान में भाजपा के पास है और प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल यहां से विधायक हैं। बघेल चूंकि आगरा से सांसद निर्वाचित हुए हैं इस लिए अब टूंडला सीट पर भी उप चुनाव होगा। टूंडला सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। गठबंधन में दरार से यहां नए सियासी समीकरण सामने दिखाई दे रहे हैं।
हेमंत प्रताप बनाए गए आगरा-अलीगढ़ मंडल के मुख्य जोन इंचार्ज
फिरोजाबाद। बसपा ने दिल्ली में आयोजित बैठक के बाद संगठन में भी फेरबदल किया है। बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हेमंत प्रताप को बडी जिम्मेदारी दी गई है। हेमंत प्रताप बसपा के आगरा और अलीगढ़ मंडल के मुख्य जोन इंचार्ज बनाए गए हैं।