फिरोजाबाद। सूरत के एक कॉम्पलेक्स में संचालित कोचिंग सेंटर में आग लगने की बड़ी घटना स्थानीय प्रशासन के लिए एक बड़ा सबब है। सुहागनगरी में भी तंग गलियों में कई कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। छोटे-छोटे कमरों में क्लास चल रही हैं। अधिकांश शिक्षण संस्थाओं का भी यही हाल है। तंग गलियों में यहां फायर बिग्रेड की गाड़ी नहीं पहुंच सकती ऐसे स्थानों पर स्कूल चल रहे हैं।
गुजरात के सूरत में संचालित कोचिंग सेंटर में आग लगने से हुए हादसे में 15 छात्रों की मौत की घटना से हर कोई हैरान रह गया। इस घटना के बाद सुहागनगरी में संकरी गलियों में संचालित हो रहे स्कूल और कोचिंग सेंटरों पर सवाल उठना लाजमी हो गया है।
कोचिंग सेंटर संकरी गलियों में चलने के बावजूद ही यहां पर आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। यही कारण है कि यहां यदि हादसा हुआ तो उससे निपटना तो काफी मुश्किल होगा। एसएन रोड, गांधी पार्क चौराहा, जलेसर रोड, सुहाग नगर, महावीर नगर, तिलक नगर, गली बौहरान, उर्वशी रोड आदि कई स्थानों पर स्कूल और कोचिंग सेंटरों पर सैकड़ों की संख्या में छात्र एवं छात्राएं आते हैं। इन सेंटरों पर आग को बुझाने के इंतजाम हैं या नहीं इसकी परख भी सूरत हादसे के बाद जरूरी है। दरअसल फायर विभाग के अधिकारी भी जांच के नाम पर सिर्फ खानापूरी ही करते है। कोई घटना हो जाए तो नोटिस जारी करके अपने बचाव करने का रास्ता खोज लेते हैं। इसी के साथ शहर में कई अपार्टमेंट कई मंजिला बने हुए हैं यहां पर भी हादसा होने पर बचाव करना आसान नहीं होगा। वहीं कई अस्पताल की बिल्डिंगों का इसी तरह का हाल है।
जिले में संकरी गलियों में जो भी स्कूल और कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं शनिवार को वहां जांच पड़ताल की जाएगी। खामियों के मिलने पर संबंधित को सील किए जाने की कार्रवाई करेंगे। विभाग को शिक्षण संस्थानों की अनुमति दिए जाने के दौरान उस स्थान का निरीक्षण करना चाहिए कि वहां छात्रों के आने जाने का रास्ता ठीक ढंग से है कि नहीं यह देख लें।
जशवीर सिंह, चीफ फायर ऑफीसर फिरोजाबाद।