फिरोजाबाद। शासन से 15वें वित्त के तहत 15 करोड़ रुपये शहर के पानी के संकट को दूर करने व जलकल के अन्य कार्यों को पूरा करने के लिए शहर को मिला है। वहीं दस करोड़ रुपये से अधिक की राशि अब तक खर्च भी हो गई। इसके बाद भी लोगों का कंठ प्यासा है। वहीं नई आबादी के दस मोहल्लों में पानी का संकट आज भी बरकरार हैं। इन मोहल्लों के करीब 25 हजार लोग टैंकरों से ही पानी की आपूर्ति पर निर्भर हैं।
नगर निगम की सीमा का विस्तार होने के साथ ही शहरी क्षेत्र से जुड़ी 13 ग्राम पंचायतों को नगर निगम में शामिल किया गया था। नगर निगम की सीमा में आने के बाद लोगों को उम्मीद जगी कि क्षेत्र के विकास के साथ पेयजल समस्या का निस्तारण होगा। नगर निगम के अफसरों ने नई आबादी क्षेत्र की करीब 50 प्रतिशत से अधिक गलियों के साथ सड़कों का निर्माण तो करा दिया लेकिन पेयजल समस्या का आज तक निस्तारण नहीं हो सका।
नलकूप स्वीकृत होने के बाद भी वह चालू नहीं हो सके तो कई पेयजल पाइप लाइन डलने का क्षेत्रीय लोग इंतजार कर रहे हैं। जिसको लेकर आज भी लोगों को जहां पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है। वहीं लोग खाली बर्तन लेकर सुबह से ही पानी की तलाश करते दिखाई देते हैं। जिसको लेकर क्षेत्रीय लोग कई बार नगर निगम और जलकल विभाग के अफसरों से मांग भी कर चुके हैं।
इन क्षेत्रों में होती है टैंकरों से सप्लाई
शिवनगर, आमला कॉलोनी, मोदी नगर, हाजीपुरा, रामगढ़ रोड, कोठी नवीगंज मदीना कॉलोनी, 60 फुटा रोड, सैलई अंबेनगर, सैलई नई आबादी प्रतापनगर, सुगरा बेग स्कूल के पास।
रेलवे लाइन पार करके लाते हैं पानी
लेबर कॉलोनी नई आबादी क्षेत्र की शिवनगर कॉलोनी में जलकल विभाग द्वारा नलकूप तो लगवा दिया लेकिन वह अभी तक चालू नहीं हो सका। लोग आज भी दिल्ली हावड़ा रेलवे लाइन पार करके पानी भरकर लाने को विवश होते हैं। अफसरों का कहना है कि नलकूप चालू कराने को विद्युत विभाग को बिजली का कनेक्शन देने के लिए पैसा भी उपलब्ध करा दिया गया है।