फिरोजाबाद। बुधवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित जिला योजना समिति की बैठक में तीन अरब 11 करोड़ 47 लाख रुपये की जिला योजना को मंजूरी दी गई। वित्तीय वर्ष 2021-22 में के लिए बनाई गई जिला योजना पर कोविड-19 असर दिखाई दिया है। इस जिला योजना के बजट में कोई वृद्धि नहीं की गई है।
जिले के प्रभारी एवं ग्राम विकास विभाग के मंत्री राजेंद्र सिंह उर्फ मोती सिंह की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई। वर्ष 2021-22 की कार्य योजना में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार सृजन जैसे कार्यों पर फोकस रखा गया है। इसी मद में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं रोजगार सृजन के लिए कुल 1186.87 लाख रुपये के बजट को स्वीकृति दी गई। वहीं सबसे कम बजट पर्यटन मद में दिया गया है। बैठक में विधायक मनीष असीजा, विधायक डा. मुकेश वर्मा, विधायक रामगोपाल पप्पू लोधी, डीएम चंद्र विजय सिंह सहित जिले के अधिकारी मौजूद रहे।
इन विभागों को मिली जिला योजना समिति के बजट को स्वीकृति-
विभाग प्रस्तावित बजट
कृषि, पशुपालन, दुग्ध एवं सहकारिता 7 करोड़ 75 लाख
वृक्षारोपण एवं पर्यावरण 19 करोड़ 56 लाख
सिंचाई कार्यक्रम - 11करोड़ 74 लाख
ग्रामीण संपर्क मार्ग 33 करोड़ 47 लाख
शिक्षा 35 करोड़ 04 लाख
क्रीड़ा एक करोड़ 41 लाख
स्वास्थ्य 4 करोड़ 91 लाख
ग्रामीण स्वच्छता 56 करोड़ 7 लाख
ग्रामीण आवास 36 करोड़ लाख
नगर विकास 74 करोड़ 2 लाख
सामाजिक सेक्टर 32 करोड़ 12 लाख
अन्य विभाग 11 करोड़ छह लाख
कई परियोजनाएं नहीं चढ़ सकीं परवान
फिरोजाबाद। गत वर्ष जिला योजना समिति द्वारा विकास कार्यों के लिए अनुमोदित 31,147 लाख रुपये के बजट के सापेक्ष मात्र 10,509.2लाख रुपये ही जिला को आवंटित किए गए हैं। जबकि बजट के अभाव में कई बड़ी परियोजनाएं अभी भी लंबित हैं। ग्रामीण सड़क मार्गों का अनुरक्षण, पर्यटन केंद्र की स्थापना, सांसद आदर्श ग्राम में सर्वांगीण विकास व पाइप पेयजल परियोजना एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्टेडियम निर्माण जैसे कार्य लंबित अथवा अधूरे हैं।
परियोजना पूर्ति में लेटलतीफी पर कई को लगी फटकार
खेलो इंडिया के तहत जिले के विभिन्न ब्लाकों में युवाओं को खेलकूद जैसी गतिविधियों से जोड़ने के लिए मिनी स्टेडियम व खेल ग्राउंड तैयार कराने की योजना थी। जिला योजना समिति की बैठक में जन प्रतिनिधियों ने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया। विभागीय स्तर पर उक्त योजना के क्रियान्वयन में लेटलतीफी सामने आने पर प्रभारी मंत्री ने जिला युवा कल्याण विभाग के अफसर को फटकार लगाई। अल्पसंख्यक आबादी वाले क्षेत्रों में मूलभूत सुविधा उत्पन्न कराने में शिथिलता पर जिले के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को भी प्रभारी मंत्री की नाराजगी झेलनी पड़ी। शिकोहाबाद स्थित नहर की पटरी का गुणवत्ता पूर्ण जीर्णोद्धार नहीं कराने पर प्रभारी मंत्री ने नहर और सिंचाई विभाग के अफसरों की खिंचाई की।
गत वर्ष बजट अनुमोदन के कुछ दिन बाद ही कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी से जूझना पड़ा। अभी भी प्रदेश सरकार कोविड से निजात पाने को जूझ रही है। हमने वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट में कोई कमी नहीं की है। जरूरत पड़ी तो फिर से नए प्रस्ताव बना कर शासन से आवश्यक धनराशि की मांग की जाएगी।
राजेंद्र प्रताप उर्फ मोती सिंह, प्रभारी जिला विकास समिति एवं मंत्री ग्राम विकास विभाग