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हादसे में युवक की मौत पर हंगामा, पुलिस से धक्कामुक्की

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फिरोजाबाद। थाना उत्तर के कोटला रोड मंडी समिति के पास तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार युवक को रौंद दिया। युवक की मौत के बाद कई थानों की पुलिस पहुंच गई और शव कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भेजा। जबरन शव उठाने से गुस्साए परिजनों ने जाम लगाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस से खूब खींचतान और धक्का मुक्की हुई। सीओ सिटी से विवाद के साथ लोगों ने खींचतान की।
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थाना नारखी के जैतपुर निवासी अश्वनी प्रताप सिंह उर्फ आशू (22) पुत्र गजेंद्रपाल सिंह बाइक से गांव जाने के लिए निकला था। फिलहाल वह किशन नगर थाना उत्तर क्षेत्र में रह रहा था। कोटला रोड मंडी के गेट के सामने पहुंचते ही उसे सामने से तेज रफ्तार से आ रहे गैस सिलिंडरों से भरे ट्रक ने चपेट में ले लिया। ट्रक का पहिया आशू के सिर व पैर के ऊपर से निकल गया। आशू ने मौके पर ही दम तोड़ दिय। जानकारी पाकर उसकी मां व अन्यपरिजन पहुंच गए और शव सड़क किनारे रखकर बिलखने लगे।

सीओ सिटी संजय वर्मा, एसएचओ रामगढ़ प्रमोद कुमार मलिक, रसूलपुर बीडी पांडेय व दक्षिण सुनील कुमार व महिला एसओ भी फोर्स के साथ पहुंच गए। पुलिस ने परिजनों को समझाया और शव उठाने के लिए वाहन बुला लिया। परिजन घर के बुजुर्गों के आने के बाद ही शव उठने देने की बात कह रहे थे। आधा घंटे तक इंतजार करने के बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भेज दिया। शव उठाने को लेकर परिवार की महिलाओं ने विरोध किया, लेकिन महिला पुलिस कर्मियों ने उन्हें हटाया। इसके बाद मौके पर तमाम लोग पहुंच गए। वह शव जबरन उठाए जाने का विरोध कर रहे थे। परिवार के बुजुर्ग कोटला रोड पर बैठकर जाम लगाने का प्रयास करने लगे। सीओ सिटी संजय वर्मा, एसएचओ दक्षिण व रामगढ़ सभी परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। पुलिस की परिजनों से खींचतान और धक्कामुक्की तक हो गई। पुलिस ने आसपास खड़ी भीड़ को खदेड़ दिया। काफी समझाने के बाद नहीं मानने पर परिजनों को हिरासत में लेने की बात कह दी। इसके बाद हंगामा कर रहे लोग हट गए। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है।
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हंगामा होते ही बंद हो गया बाजार
सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद परिजनों के हंगामे के कारण ही आसपास के दुकानदारों ने दुकानें बंद कर दीं। दुकानदारों का कहना था कि यदि कोई बवाल होगा तो फिर पुलिस हमी लोगों को उठा ले जाएगी। इसके ही कारण दुकानों को बंद कर दिया था।

भीड़ को हटाती रही पुलिस
हादसे के बाद पुलिस युवक के शव को कब्जे में लेने को लेकर वहां मौजूद भीड़ को हटाती रही। कई बार पुलिस कर्मियों ने भीड़ को दौड़ा लिया। महिलाओं को हटाने के लिए महिला पुलिस कर्मियों को जिम्मेदारी सौंप दी थी। भीड़ हटाने के बाद पुलिस ने परिवार की महिलाओं व परिजनों को अलग करके शव को टेंपो से अस्पताल भेज दिया।

पिता एटा में हैं चकबंदी लेखपाल
मृत युवक आशू दिल्ली में किसी प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। वह पिछले दिनों ही यहां आया था। पिता गजेंद्रपाल सिंह चकबंदी लेखपाल के पद पर एटा के अवागढ़ क्षेत्र में तैनात हैं।
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