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ताज में मिस यूनिवर्स की 'हरकत' पर FIR

Thu, 10 Oct 2013 10:49 AM IST
अमर उजाला आगरा
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मिस यूनिवर्स ओलिविया कल्पो, फैशन डिजायनर संजना जॉन और शू कंपनी चाइनीज लौंडरी के खिलाफ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने पर्यटन थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
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इन पर ताजमहल स्मारक को जोखिम में डालने, वहां बिना इजाजत शूटिंग करने, देश की छवि को धूमिल करने का आरोप है। बीते रविवार को ताजमहल में इन्होंने बिना इजाजत सैंडिलों के विज्ञापन की शूटिंग की थी।

ताजमहल में एएसआई के प्रभारी वरिष्ठ संरक्षक सहायक मुनज्जर अली ने मंगलवार को पर्यटन थाना में तहरीर दी। इसमें लिखा गया है कि मिस यूनिवर्स ओलिविया कल्पो फैशन डिजायनर संजना जॉन, चाइनीज लौंडरी शू कंपनी के साथ रविवार छह अक्तूबर की शाम ताजमहल देखने के लिए गईं थी।
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इस दौरान उन्होंने ताजमहल परिसर में सेंट्रल टैंक पर सैंडिल के विज्ञापन की शूटिंग की। इसके लिए उन्होंने एएसआई से इजाजत नहीं ली। इस दौरान ताज को बैकग्राउंड में रख सैंडिल के फोटो भी खींचे गए।

उनके इस कृत्य से देश की छवि धूमिल हुई है। उन्होंने इस दौरान स्मारक को भी जोखिम में डाला। ऐतिहासिक इमारत में बिना इजाजत शूटिंग और विज्ञापन किया गया।

उन्होंने सभी के खिलाफ ऐतिहासिक स्मारक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने को कहा है। एएसआई अधिकारी की तहरीर पर पर्यटन थाना प्रभारी ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

इन अधिनियम में मुकदमा दर्ज
स्मारक अधिनियम के अनुच्छेद चार डी, 48 और 30 में दर्ज किया गया है। अनुच्छेद 30 में देश की छवि को धूमिल करना और उसका दुरुपयोग करने का अपराध बनता है। इसमें एक लाख का जुर्माना या दो साल की सजा या फिर दोनों का प्रावधान है।

ये है घटना
अमेरिकी मॉडल व मिस यूनिवर्स ओलिविया कल्पो रविवार को दीदार-ए-ताज के लिए आई थीं। उनके साथ फैशन डिजाइनर संजना जॉन भी थी। सैंडिलों से भरे बैग को भी ताजमहल में शूटिंग के लिए ले जाया गया।

इसके बाद मिस यूनिवर्स ने बिना एएसआई की इजाजत के सेंट्रल टैंक स्थित डायना सीट पर सैंडलों के लिए विज्ञापन की शूटिंग की। इतना ही नहीं डायना सीट पर सैंडिल रख ताज का बैकग्राउंड बना फोटो शूट भी कराया गया।

शूटिंग के दौरान वहां एएसआई, सीआईएसएफ और पर्यटन पुलिस भी मौजूद थी। इन तीनों सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें नहीं रोका। जबकि ताज में किसी तरह की व्यावसायिक गतिविधि पर सुप्रीम कोर्ट की रोक है।

मामले की शिकायत पर एएसआई ने सीआईएसएफ से उस समय के वीडियो फुटेज लेकर जांच की। फुटेज के अनुसार शूटिंग की बात सच पाई गई। इसी आधार पर मंगलवार को एएसआई ने मुकदमा दर्ज कराया।
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