फतेहपुर। जमानत कवच एप की मदद से पुलिस ने पेशेवर और फर्जी जमानतदारों के नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एप के माध्यम से जमानतदार की सत्यता, संपत्ति के दस्तावेज और पुराने आपराधिक इतिहास की ऑनलाइन जांच की जा रही है।
सत्यापन में यह भी पता लगाया जा रहा है कि जमानत में लगाई गई संपत्ति पहले किसी अन्य मामले में बंधक तो नहीं है। पुलिस अब तक 11 पेशेवर जमानतदारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 20 प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है।
एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि न्यायालय से जमानत लेने के लिए जमानतदारों को संपत्ति समेत अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ते हैं। पेशेवर जमानतदार फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर आर्थिक लाभ कमाते हैं। कई मामलों में एक ही व्यक्ति अलग-अलग थाना क्षेत्रों के आरोपियों की बार-बार जमानत लेता मिला है।
इनमें कई जमानतदार आपराधिक प्रवृत्ति के भी हैं। जमानत कवच एक केंद्रीकृत डिजिटल प्रणाली है। इसमें जिले के सभी थानों से प्राप्त जमानतों का विवरण दर्ज होता है। सदर कोतवाली पुलिस पांच फर्जी जमानतदारों और एक हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार कर चुकी है।
गाजीपुर पुलिस ने दो, खागा कोतवाली ने एक, थरियांव पुलिस ने दो जमानतदारों और कचहरी के एक मुंशी को गिरफ्तार किया है। हुसैनगंज पुलिस भी एक फर्जी जमानतदार को गिरफ्तार कर चुकी है। अन्य थाना क्षेत्रों में सक्रिय जमानतदारों की तलाश जारी है।