फतेहपुर। टीजीटी भर्ती परीक्षा में चचेरे भाई के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचे खागा क्षेत्र के युवक को बायोमीट्रिक जांच के दौरान पकड़ लिया गया। फिंगरप्रिंट और ऑनलाइन रिकॉर्ड का मिलान न होने पर केंद्र प्रशासन को फर्जीवाड़े का संदेह हुआ। पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
खागा कोतवाली क्षेत्र के महिचा निवासी दिलीप यादव बुधवार को चित्रकूट जिले के मानिकपुर स्थित कृषक इंटर कॉलेज भौंरी परीक्षा केंद्र में टीजीटी भर्ती परीक्षा देने पहुंचा था। परीक्षा शुरू होने से पहले परीक्षार्थियों का बायोमीट्रिक सत्यापन किया जा रहा था। जांच में दिलीप के फिंगरप्रिंट ऑनलाइन रिकॉर्ड से मेल नहीं खाए। अन्य विवरणों में भी गड़बड़ी सामने आने पर केंद्र प्रशासन को शक हुआ।
पूछताछ में युवक ने स्वीकार किया कि वह चचेरे भाई विकास की जगह परीक्षा देने आया था। इसके बाद केंद्र प्रशासन ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि खागा कोतवाली प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ बच्चों को देता था कोचिंग
ग्रामीणों के अनुसार दिलीप यादव प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ बच्चों को कोचिंग भी पढ़ाता है। करीब तीन वर्ष पूर्व खागा कस्बे के एक युवक ने रुपयों के लेन-देन को लेकर महिचा चौकी में शिकायत की थी। चर्चा रही कि टीईटी पास कराने के नाम पर पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था।