बिंदकी। कोतवाली क्षेत्र के छोटेलालपुर गांव में क्रिकेट की गेंद को लेकर हुए बवाल में पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। ग्रामीणों ने सरकंडी चौकी के एक सिपाही पर नशे में अभद्रता करने का आरोप लगाया है। इसके बाद हुई झड़प में महिलाओं की धरपकड़ के दौरान एक भी महिला पुलिस कर्मी मौजूद नहीं थी।
कौशाम्बी में तैनात हेड कांस्टेबल अखिलेश सिंह का बेटा अवनीश बृहस्पतिवार शाम दोस्तों के साथ चौकी के पास क्रिकेट खेल रहा था। इसी दौरान गेंद चौकी परिसर में चली गई। गेंद लेने पहुंचे एक लड़के को वहां तैनात सिपाही ने थप्पड़ मारकर चौकी में बैठा लिया। आरोप है कि सिपाही नशे की हालत में था।
सूचना पर जब लड़के का पिता हेड कांस्टेबल अखिलेश सिंह और अन्य ग्रामीण चौकी पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने उनसे हाथापाई की। इस झड़प में एक दरोगा की वर्दी फट गई। मौके पर पहुंची कोतवाली फोर्स ने हेड कांस्टेबल समेत 13 लोगों को हिरासत में लेकर प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने पूछताछ के बाद सभी को जेल भेज दिया था। इनमें कई महिलाएं और पुरुष शामिल हैं।
गांव की सुमन देवी समेत अन्य महिलाओं का आरोप है कि धरपकड़ के दौरान महिलाओं के साथ मारपीट की गई जबकि टीम में एक भी महिला पुलिस कर्मी मौजूद नहीं थी। ग्रामीणों ने अपराध निरीक्षक, एसएसआई और चौकी इंचार्ज समेत पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ तहरीर दी है।
कोतवाल हेमंत मिश्रा का कहना है कि उनके मौके पर पहुंचने के बाद भी ग्रामीणों ने पथराव किया। उन्होंने बताया कि महिला पुलिस की तैनाती के आरोप सहित सभी बिंदुओं पर जांच की जाएगी।
गांव से पुरुष घर छोड़कर गायब
पुलिस पर पथराव की घटना के बाद बुधवार की रात पुलिस ने छोटेलालपुर गांव में कई बार दबिश दी। पुलिस की लगातार कार्रवाई से गांव में पुरुष घर छोड़कर नाते-रिश्तेदारों के घर चले गए हैं। घरों में केवल महिलाएं और बच्चे ही नजर आ रहे हैं। गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।