फतेहपुर। अखंड सुहाग का पर्व करवा चौथ पर सुहागिनों ओट से आने जीवन के चांद का दीदार कर निर्जला व्रत खोला। पति की लंबी आयु के लिए प्रार्थना की। दूर के चांद से मांगा हमेशा पास रहे मेरा चांद। कथा सुनकर पति के हाथों से पानी पीकर व्रत खोला। किसी ने काम से बाहर गए पति से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर बात करने के बाद व्रत खोला।
सोलह शृंगार कर सुहागिनों ने रखे करवा चौथ की रीति-रिवाज के अनुसार पूजा-अर्चना की। शाम ढलते ही चांद का इंतजार होने लगा। मां-चाची और भाभी के लिए बच्चे कई बार छत पर देखने के लिए गए कि चांद निकला या नहीं। चांद निकल आया... चांद निकल आया... करीब आठ बजे के बाद यह पुकार छत्तों से सुनाई देने लगी।
चांद का दीदार कर सुहागिनों ने अर्घ्य दिया और पति के हाथ से पानी पीकर करवा चौथ के व्रत का पारन किया। युवा जोड़ों के बीच में एक आकर्षण उपहार का भी रहा। उपहार में जिंदगी के लिए सजगता का वचन भी लिया गया। करवाचौथ पर शहर के विभिन्न दंपतियों ने अपने सोशल मीडिया के माध्यम से सेल्फी व फोटो साझा की।
निर्जला वृत पूरा हो जाने के बाद पतियों ने शाम को पत्नियों को आकर्षक उपहार दिए। उपहार पाकर पत्नियों की दिनभर की थकान मिट गई और चेहरे खिल उठे। सरप्राइज गिफ्ट में किसी ने चाॅकलेट, रिंग, पर्स, साड़ी, हार जैसी वस्तुएं शामिल रही।
जेल में 14 महिला बंदियों ने मनाया त्योहार
करवा चौथ के अवसर पर जेल में 14 महिला बंदियों ने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखा। इनमें छह महिला बंदी के साथ उनके पति भी साथ में बंद हैं। चांद व पति के दीदार के बाद महिला बंदियों ने व्रत तोड़ा। जेल में महिला बंदियों की उनके पतियों से मुलाकात कराई गई। आठ महिला बंदियों के पति बाहर हैं। महिला बंदियों ने अपने पति से कारागार में लगे फोन से वार्ता कर आशीर्वाद लिया। चंद्र दर्शन कर शाम को पूजा की और व्रत तोड़ा। महिला बंदियों के शृंगार का समान पूजा समान की सारी व्यवस्था जेल प्रशासन ने की। जेल अधीक्षक प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि करवा चौथ का पर्व सभी के लिए ऐसे में जेल में बंदी महिलाओं को चांद व पतियों के दीदार का कराया गया। बंदी महिलाओं ने भी विधि विधान से पूजा पाठ कर निर्जला व्रत खोला।
जिले के 6932 पतियों ने पत्नियों के लिए रखा व्रत
भूतपूर्व सैनिक उत्थान व लोक कल्याण समिति के 6932 सदस्यों ने करवा चौथ के अवसर पत्नियों की लंबी उमर के लिए व्रत रखा। सुबह से बिना पानी पीए पतियों ने भी पत्नियों की तरह ही चांद का दीदार करके ही व्रत खोला। समिति अध्यक्ष विद्या भूषण तिवारी ने बताया कि 21 अक्टूबर 1996 में उन्होंने पहली बार पत्नी के लिए व्रत रखा। इसके बाद इस पर्व को अभियान के रूप में चलाकर आज जनपद के 6932 लोगों को करवाचौथ में व्रत रखने के लिए प्रेरित कर दिया। यह सभी लोग मेरे साथ हर करवाचौथ में व्रत रहते हैं, और चांद के दीदार के बाद व्रत खोलते हैं। इसमें प्रमुख रूप से देशराज गुप्ता, विवेक गुप्ता, अरुणेश पांडेय, देवराज वर्मा, वेद प्रकाश तिवारी, सुनील कुमार शुक्ला, सूबेदार कमलेश कुमार सहित तमाम सदस्य है।