किशनपुर। रामलीला कमेटी ने शनिवार रात विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया। कवि सम्मेलन में कवि राम भदावर और अर्जुन सिंह चांद को सुनने के लिए खासी भीड़ जुटी। कवि सम्मेलन का शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक कृष्णा पासवान ने किया। झांसी के कवि अर्जुन सिंह चांद ने पढ़ा कि लश्कर भी तुम्हारा है, सरदार तुम्हारा है, तुम झूठ को सच लिख दो अखबार तुम्हारा है।
सरस्वती वंदना के बाद किशनपुर की महिमा पर गुणगान करते हुए कवि शिवशरण बंधु ने पढ़ा कि जहां धार यमुना की चढ़ती उतरती, किशनपुर की धरती, वह किशनपुर की धरती। राम भदावर ने पढ़ा कि गुलामी के पुराने दाग अब धोने लगे हैं हम, तरक्की की नई उम्मीद भी होने लगे हैं हम, नया मंदिर, नई संसद, नया कश्मीर भारत है, अरे तुम गौर से देखो नई तस्वीर भारत है, बड़े आराम से पाया है ये आयाम भारत ने, वो देखो चांद पर भी लिख दिया है राम भारत ने।
अवधी हास्य शिरोमणि अशोक सिंह बेशरम ने पढ़ा कि मैं इक मजदूर हूं मुझसे न बोला झूठ जाएगा, अगर सच बोल दूं तो ठेकेदार मुझसे रूठ जाएगा, इसी सच झूठ में उलझी मेरी गूंगी गुनहगारी, मुझे लगता था कि बनते ही वो पुल टूट जाएगा। बलिया की कवियत्री प्रतिभा यादव ने पढ़ा कि पलकों पे कोई ख्वाब सजा कर तो देखिए, दिल में किसी का प्यार बसा कर तो देखिए, जीने को जिंदगी का मजा आ ही जाएगा, दुश्मन को भी गले से लगा कर तो देखिए। विकास बौखल ने पढ़ा कि किसी खंजर से न तलवार से जोड़ा जाए, सारी दुनिया को चलो प्यार से जोड़ा जाए, ये किसी शख्स को दोबारा न मिलने पाए, प्यार के रोग को आधार से जोड़ा जाए।
शिवम हथगामी ने पढ़ा कि बिना चश्मे की मेरी मां मुझे पहचान लेती है। हास्य कवि धनंजय शाश्वत ने पढ़ा कि जिसने विवाह करके बीवी साथ न रक्खी, नारी सम्मान का वो अब नारा लगा रहे हैं। कवि सम्मेलन में चेयरमैन नगर पंचायत गीता सिंह, एसडीएम अजय कुमार पांडेय, पुलिस उपाधीक्षक बृजमोहन राय, व्यापार मंडल अध्यक्ष शिवचंद्र शुक्ल, पंकज पाल, आलोक सिंह गोलू, ठाकुर राकेश सिंह, कमेटी अध्यक्ष उत्तम सिंह, कुंवर धनंजय सिंह, राजेंद्र प्रसाद शुक्ल, रमेश चंद्र शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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