पुत्र के साथ बाइक से इलाज कराने सदर अस्पताल आ रही
एक महिला ट्रैक्टर की टक्कर के बाद उछलकर सड़क पर गिरी और सिर से ट्रैक्टर
का पहिया गुजरने से घटनास्थल पर ही तड़पकर दम तोड़ दिया। हादसे में बेटा
बाल-बाल बच गया। लोग दौड़े इससे पहले ही चालक ट्रैक्टर छोड़कर भाग निकला।
पुलिस ने ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया है।
गाजीपुर थाना क्षेत्र के
गंभरी गांव निवासी विमल कुमार की पत्नी विद्या देवी (52) की तबियत खराब थी।
तकलीफ बढ़ने पर वह छोटे बेटे कपिल के साथ सोमवार को बाइक से सदर अस्पताल आ
रही थी।
शहर सीमा में बाइक के प्रवेश करते ही झाऊपुर नहर पुलिया के पास
सुबह लगभग 11 बजे फतेहपुर से गाजीपुर की ओर जा रहे ट्रैक्टर ने बाइक में
टक्कर मार दी। अनियंत्रित होकर विद्या देवी उछलकर सड़क पर गिरी और पहिया
उनके सिर के ऊपर से गुजर गया।
कपिल को भी चोट लगी लेकिन जान बच गई। इलाकाई
लोगों की सूचना पर पुलिस पहुंची। राधानगर चौकी इंचार्ज ने बताया कि शव को
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। हादसा करने वाला ट्रैक्टर बिक्रफील्ड
मालिक छत्रपाल सिंह का है।
चालक की तलाश की जा रही है। बेटे के साथ इलाज
कराने सदर अस्पताल आना विद्या देवी की मजबूरी थी। गंभरी गांव गाजीपुर
सीएचसी के अंतर्गत आता है।
इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर आसपास के गांवों की
जनता को शहर का रुख करना पड़ता है। हकीकत ये है कि वैसे ही सरकारी
अस्पतालों में डॉक्टरों की मानक के अनुरूप तैनाती नहीं है।
जो डॉक्टर हैं
भी, वह कतिपय कारणों से ज्यादातर अस्पताल से नदारद रहते हैं। पोस्टमार्टम
हाउस में मिले मृतका के रिश्तेदार संजय कुमार ने साफ कहा कि अगर सीएचसी में
अच्छा इलाज होता तो फिर इतनी दूर आने की जरूरत ही क्या थी।