बारात घरों में तेज ध्वनि में बजने वाले डीजे से अब
पड़ोसियों की नींद हराम नहीं होगी। एसपी ने देर रात तक शोरशराबा करने वाले
ऐसे बारात घरों को सूचीबद्ध करने के बाद कार्रवाई का फैसला ले लिया है। इस
काम का जिम्मा एलआईयू को सौंपा गया है। एलआईयू के अलावा क्षेत्रीय पुलिस की
रिपोर्ट मिलने के बाद इन पर शिकंजा कसा जाएगा।
नियमत: रात 10 बजे के
बाद डीजे का शोर केवल बारात घरों के अंदर ही होना चाहिए। लेकिन शहर की बात
करें तो यहां पर ऐसा नहीं हो रहा है। शहर में 50 से ज्यादा मैरिज हॉल,
पार्टी लॉन व बारातशाला मौजूद हैं।
ज्यादातर इन जगहों पर सुविधाओं का अभाव
है, कहीं भी पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं है। इसका खामियाजा बाराती व
जनाती के साथ इलाकाई लोगोें को भी भुगतना पड़ता है।
मसलन पार्किंग की
व्यवस्था न होने से सड़क किनारे खड़े किए जाने वाले वाहनों से लगने वाला
जाम जहां इलाके के लोगों को बेहाल करता है वहीं तेज ध्वनि में बजने वाले
वाद्य यंत्र आंखों की नींद उड़ाने का काम कर रहे हैं।
इलाकाई इस मसले पर
लगातार आवाज उठाते चले आ रहे हैं लेकिन संचालक इन्हें नजरअंदाज कर रहे हैं।
इस समस्या को एसपी कलानिधि नैथानी ने महसूस कर लोगों को इससे निजात दिलाने
की ठानी है।
एसपी ने देर रात तक डीजे का शोर मचाने वाले उत्सव के इन
ठिकानों को सूचीबद्ध कराना शुरू करा दिया है। कप्तान का फरमान मिलते ही
पुलिस व एलआईयू की टीम सक्रिय हो गई है।
इलाकाई पुलिस ने अपने-अपने क्षेत्र
में पड़ने वाले उत्सव के ठिकानों की ओर कान लगा दिए हैं। डीजे के शोर से
उड़ने वाली आंखों की नींद के बाबत इलाकाई जनता भी पुलिस से शिकायत कर सकती
है।
अब तक बारात घर संचालकों के खिलाफ आवाज उठाने के बावजूद शोर से निजात न
पाने वाली जनता से भी एसपी ने इस बाबत सहयोग मांगा है। ताकि वह बेबाकी से
अपनी बात रख सके और पुलिस समय रहते मौके पर पहुंच कर आवश्यक कार्रवाई कर
सकें। यदि किसी को दिक्कत हो तो वह 100 नंबर पर बता सकता है।