दोने में सब्जी, जांघ में रोटी रख कर खाते श्रद्धालु।
- फोटो : दोने में सब्जी, जांघ में रोटी रख कर खाते श्रद्धालु।
फतेहपुर। महाकुंभ स्नान करने जा रहे मथुरा व गुजरात के यात्रियों को हादसे के बाद जिला अस्पताल में लावारिसों की तरह डाल दिया गया है। उनकी समस्याओं को पूछने वाला कोई नहीं है। मंगलवार को सुबह से लेकर दोपहर तक वह बिना कुछ खाए-पिए पड़े रहे। उनके पास बर्तन न होने से दोपहर में भी खाने के लिए टरकाया गया। कई बार कहने के बाद खाना दिया भी गया तो उन्हें दोने में सब्जी और हाथ में रोटी पकड़ा दी गई। इस दौरान चोटिल श्रद्धालु पैर की जांघ में रोटी रख, एक हाथ में दोना पकड़ दूसरे हाथ से खाता नजर आया।
जिला अस्पताल के वार्डों में मरीजों को खाना देने के लिए बर्तन नहीं हैं। यहां मरीजों को खाना तभी दिया जाता है, जब उसके पास खुद का बर्तन हो। बर्तन न होने पर मरीज खाना से वंचित हो जाता है। जनपद के मरीज तो आमतौर पर अस्पताल जाते समय एक-दो बर्तन बैग में रख लेते हैं, लेकिन हादसे के शिकार गैर जनपदों के लोग खाली हाथ अस्पताल में भर्ती होते हैं। अस्पताल में खाना लेने वाले मरीजों से बर्तन लेकर आने को कहा जाता है। मंगलवार को हादसे का शिकार महाकुंभ यात्रियों के साथ भी कुछ ऐसा ही सुलूक किया गया। अस्पताल में गुजरात के भीखू भाई भगत पुरुष वार्ड में भर्ती हैं। भीखू भाई चोटिल होने से पूरी तरह असहाय हैं। हादसे के पहले व दूसरे दिन वह घंटों भूखे रहे। मंगलवार दोपहर उनके पास बर्तन न होने पर खाना बांटने वाला कर्मचारी बिदकता नजर आया। कई बार मांगने पर उसने दोने का इंतजाम कर सब्जी दी और रोटी हाथ में पकड़ा दी। अस्पताल प्रशासन की तरफ से बर्तनों की व्यवस्था न करने से ऐसा नजारा अक्सर देखने को मिलता है। कर्मचारी भी दोने में दाल या सब्जी देने को मजबूर हैं। देर शाम मरीज की हालत सही होने पर अस्पताल से घर भेज दिया गया।