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Fatehpur News: गंगा-पांडु नदी का बढ़ा जलस्तर, गांवों पर मंडराने लगा खतरा

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औंग/हुसैनगंज। पिछले दो दिनों से क्षेत्र में हो रही बारिश और पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा और उसकी सहायक पांडु नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। बुधवार शाम चार बजे गंगा चेतावनी बिंदु से 20 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज की गई। नदियों का पानी कटरी क्षेत्र के कई गांवों के नजदीक पहुंच गया है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। नदी का बहाव तेज होने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
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सबसे अधिक चिंता बिंदकी फार्म और बेनीखेड़ा गांवों को लेकर है। बिंदकी फार्म एक ओर गंगा और दूसरी ओर पांडु नदी से घिरा है। बेनीखेड़ा भी दोनों ओर से पांडु नदी के पानी से प्रभावित होता है। जलस्तर बढ़ने पर इन गांवों में हालात तेजी से बिगड़ने की आशंका रहती है। सदनहा, रामघाट, बड़ाखेड़ा, मल्लूखेड़ा, दरियापुर, बंबूरीखेड़ा, औसेरीखेड़ा और मदारपुर जैसे अन्य कटरी गांवों पर भी बढ़ते जलस्तर का असर पड़ सकता है।
कटरी क्षेत्र मौसमी सब्जियों की खेती के लिए प्रसिद्ध है। यहां लौकी, कद्दू, भिंडी और तरोई जैसी सब्जियां बड़ी मात्रा में उगाई जाती हैं। किसानों का कहना है कि यदि खेतों में पानी भर गया तो तैयार फसल को भारी नुकसान होगा। इससे उनकी आर्थिक स्थिति पर भी बुरा असर पड़ेगा। तहसीलदार अचलेश सिंह ने बताया कि नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और अभी हालात सामान्य हैं। भिटौरा बाढ़ नियंत्रण कक्ष के प्रभारी महंतराम ने बताया कि सुबह छह बजे से शाम चार बजे के बीच जलस्तर में 13 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्रशासन के अनुसार, गंगा का जलस्तर अभी खतरे के निशान से 93 सेंटीमीटर नीचे है। गंगा नदी का जलस्तर बुधवार को सुबह आठ बजे भिटौरा गेज स्थल पर 99.93 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि, यह पिछले वर्ष 18 अगस्त 2025 के बाढ़ स्तर 101.21 मीटर से अभी भी 1.28 मीटर नीचे है। बाढ़ नियंत्रण विभाग नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है। किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
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