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वास्तु, शिल्प के देवता भगवान विश्वकर्मा की विधि विधान से की पूजा

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जलकल विभाग में विश्वकर्मा पूजन करती ईओ, चेयरमैन प्रतिनिधि व सभासद - फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर वास्तु और शिल्प के देवता भगवान विश्वकर्मा जी की जयंती गुरुवार को मनाई गई। इस मौके पर विशेष पूजा पाठ हुआ। कोरोना काल की वजह से लोगों ने घरों पर भगवान विश्वकर्मा की पूजा की और झांकियां सजाई। इसके अलावा सरकारी संस्थाओं में विश्वकर्मा जयंती मनाई गई। हवन-पूजन के बाद प्रसाद का वितरण भी हुआ। फैक्ट्री कारखानों में मशीनों, औजारों आदि का पूजन हुआ।
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मान्यता है कि इस दिन विधि विधान से भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से रोजगार और व्यापार में तरक्की मिलती है। वहीं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा को देवताओं का शिल्पी कहा जाता है। वह निर्माण एवं सृजन के देवता हैं। राजकीय नलकूप खंड के वर्कशाप में वास्तु व शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा की जयंती मनाई गई। वर्कशाप परिसर में विधि विधान से पूजा हुई और हवन किया गया।
अधिशासी अभियंता किशनलाल ने पूजा कराई। बाद में प्रसाद बांटा गया। इस मौके पर अवर अभियंता मनोज कुमार, लिपिक रामकिशोर, मनोज सिंह, राजेंद्र, नीलम, मृत्युंजय सिंह मौजूद रहे। नगर पालिका के जलकल विभाग ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा की और हवन कराया। चेयरमैन प्रतिनिधि हाजी रजा व ईओ मीरा सिंह ने यज्ञवेदी में हवन की आहुतियां डालीं। साथ में सभासद विनय तिवारी, मोहम्मद आरिफ गुड्डा, हुंमायू ने हवन किया। इसके बाद प्रसाद बांटा गया।
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