कौशांबी जिले के पूरब शरीरा गांव निवासी हंसराज की पत्नी रेखा देवी अपनी बहन सुनीता, भाई श्यामलाल और देवर रज्जन के साथ अजरौली गांव रिश्तेदार के घर किसी समारोह में शामिल होने आई थी। देर शाम आयोजन के बाद सभी लोग वापस जा रहे थे रास्ते में कीचड़ होने की वजह से रज्जन और श्यामलाल साइकिल से पीछे छूट गए।
दोनो बहनें सड़क पर पहुंच गई थी। इसी दौरान बाइक सवार लुटेरे रेखा देवी के गले से मंगलसूत्र तोड़कर जैसे ही भागने को हुए तभी सुनीता ने पीछे से उनकी बाइक पकड़ ली। लुटेरों और दोनों बहनों के बीच धक्का मुक्की और हाथापाई होने लगी। चीख पुकार पर देवर, भाई और ग्रामीण आ गए।
ग्रामीणों को आते देख लुटेरे भागने लगे। ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। अनियंत्रित होकर लुटेरे गिर पड़े और बाइक छोड़कर भाग निकले। ग्रामीण पीछा कर गन्ने के खेत में घुसे। वहां से एक शातिर को दबोचकर पुलिस को सौंपा। आरोपी ने पुलिस को अपना परिचय कानपुर रावतपुर निवासी मुन्ना अंसारी के रूप में दिया है।
उसने अपने साथी का नाम फैजान निवासी रावतपुर बताया है। एसओ अरविंद सिंह गौर ने बताया कि लुटेरे से पूछताछ की जा रही है, उससे कई घटनाओं का खुलासा हो सकता है।
कौशांबी में बनाए थे ठिकाने
पुलिस की पूछताछ में लुटेरों ने बताया कि कानपुर पुलिस उनकी तलाश में रहती है। इसी वजह से कौशांबी जिले के मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के कांशीराम कालोनी में रहते हैं। वहीं से लूटपाट करने के लिए पड़ोसी जिलों तक आते जाते हैं।