फतेहपुर। नगर पालिका क्षेत्र के चौदखियापुर की करीब 1300 की आबादी खेतों में भर रहे नाले के पानी से परेशान है। बुधवार को पालिका के निरीक्षण के बाद कोई निस्तारण न होने के बाद ग्रामीण आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं।
शहर की आधी आबादी का गंदा पानी निकासी के लिए बनाया गया झाउपुर नाला चौदखियापुर के लिए अभिशाप बन गया है। रेलवे लाइन किनारे का यह नाला चोक हो गया है। इससे लगभग एक हजार बीघे खेत पूरी तरह से गंदे पानी से भर गए है। ग्रामीणों की हजारों क्विंटल धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। गेहूं व सब्जी की बुआई का भी सहारा नहीं है। बुधवार को पालिका ईओ रविंद्र कुमार ने रमवां स्टेशन के पास जलभराव समस्या के निवारण की संभावना तलाशी है, लेकिन यहां सफाई कार्य मजदूरों से संभव नहीं है। यहां पर पोकलैंड जैसी बड़ी मशीन से ही कार्य पर विचार हुआ। लेकिन रेलवे मशीनरी से काम करने से मना कर रहा है। ऐसे में अब तक जलभराव के समाधान का जल्द रास्ता निकलता नहीं देख ग्रामीण आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं।
इतने दिनों से लोग गांव रहे हैं लेकिन अभी तक कोई निस्तारण नहीं हुआ तो आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
दो से तीन बीघे की धान की फसल भी खराब हो गई है। पहले खेती किसानी से घर चल जाता था अब काम के लिए शहर जाना पड़ रहा है।
नीलू देवी के मुताबिक नाले की खोदाई कराकर उनके खेत खाली कराए जाएं वर्ना महिलाएं आंदोलन करेंगी।
शहर के चौदखियापुर की करीब 13 सौ की आबादी भूखमरी के कगार पर है। शहर के दक्षिणी क्षेत्र का गंदा पानी झाऊपुर नाले से यहां की कृषि योग्य जमीन में भरता है। यहां पर धान की खड़ी फसल सड़कर नष्ट हो गई है। गेहूं और सब्जी की फसल गंदे पानी में हो पाना मुश्किल है। खेती योग्य जमीन गंदे पानी के झील में तब्दील हो गई है। अब यहां के लोगों के जीविकोपार्जन का जरिया रेलवे की रैक और मजदूरी है। वे अब हर हालात में खेतों में भरे जलभराव से मुक्ति चाहते हैं।
डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर कॉर्पोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड इस काम को देख रही है। इनके काम में हमारा कोई दखल नहीं होता है।
अमित सिंह, पीआरओ, उत्तर मध्य रेलवे
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चौदखियापुरवासियों की समस्या का जल्द से जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए प्रयागराज के संंबंधित अधिकारी से बातचीत की गई है। उन्हें बताया गया कि मैनुअल नाले की सफाई कराना मुश्किल है। वह अपने विभाग का कर्मचारी दें, जो अपनी देखरेख में मशीनरी से काम कराए। उनकी केबल भी प्रभावित नहीं हो। उन्होंने विचार करके जल्दी ही बताने को कहा है।
धीरेंद्र कुमार, एडीएम, न्यायिक, फतेहपुर
कोट्स
हमने आप्टिकल केबल की सुरक्षा के कारण मैनुअल सफाई का अनुरोध किया है। अक्टूबर 2010 में मशीनरी से काम करने पर केबल कटने से काम प्रभावित हो गया था। नगर पालिका सूचित के सूचित करने पर एक कर्मचारी मौके पर मौजूद रहेगा।
प्रकाश चंद्र, परियोजना प्रबंधक, डीएफसीसीआईएल, प्रयागराज पश्चिम