थाने में प्रदर्शन करती रसूलपुर की महिलाएं।
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रसूलपुर गांव में बुधवार दोपहर ग्रामीणों ने वीडीओ (ग्राम पंचायत अधिकारी) की पिटाई की। करीब डेढ़ घंटे तक बंधक बनाए रखा। पुलिस पहुंचने पर वह मुक्तहो सके। उन्होंने थाने में प्रधान पति व उनके भाई के खिलाफ मारपीट की तहरीर दी। वहीं प्रधान ने दलित एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी।
ग्राम प्रधान ललिता देवी ने बताया कि मंगलवार को ग्रामीणों के साथ वह सीडीओ सी. इंदुमति से मिलने गई थीं। वहां ग्राम पंचायत अधिकारी श्रीराम गुप्ता की शिकायत कर उनका तबादला कराने की मांग की थी। इसी खुन्नस में बुधवार को ग्राम पंचायत अधिकारी श्रीराम गुप्ता उनके दरवाजे पर आए और धमकी देते हुए प्रदर्शन करने वाले ग्रामीणों के नाम पूछने लगे। आरोप है कि विवाद बढ़ा तो ग्राम पंचायत
अधिकारी ने अपनी पहुंच का हवाला देकर अपशब्द कहे व हाथ पकड़कर धक्का दे दिया।
उधर, ग्राम पंचायत अधिकारी ने बताया कि बीडीओ के निर्देश पर रसूलपुर गांव में किसानों की फसल का बीमा कराने के लिए वह प्रधानमंत्री बीमा योजना के फार्म भरने गए थे। तभी प्रधानपति रामभवन व उसका भाई धर्मेंद्र तमंचा लेकर साथियों के साथ आ गए और गाली-गलौज करने लगे। लाठी-डंडों से पिटाई की। धर्मेंद्र ने तमंचे की बट पैर में मारकर घायल कर दिया। एसओ एपी तिवारी ने दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज कर निष्पक्ष छानबीन का भरोसा दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत अधिकारी से विवाद होने पर उन लोगों ने 100 नंबर डायल किया। काफी इंतजार के बाद भी पुलिस नहीं आई। इसके बाद धर्मेंद्र ने थाने में फोन किया तब पुलिस पहुंची। यूपी 100 का वाहन और फोर्स न पहुंचने पर लोगों ने नाराजगी जताई है।