फतेहपुर। नाली सफाई के विवाद में भतीजे की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पारिवारिक चाचा को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। पत्नी को आरोप से बरी कर दिया गया। एससी-एसटी कोर्ट के न्यायाधीश डॉ. मोहम्मद इलियास की अदालत ने दोषी पर 23 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
बकेवर थाना क्षेत्र के बिजौली गांव निवासी सियाराम घर के बाहर 16 सितंबर 2016 को नाली की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान पड़ोसी और पारिवारिक चाचा रामसेवक उर्फ छोटा की पत्नी कमला ने सफाई का विरोध किया। विवाद के बाद रामसेवक घर लौटा और कमला ने उसे घटना की जानकारी दी।
इसके बाद रामसेवक और सियाराम के बीच नोकझोंक हुई जिसके दौरान रामसेवक ने जमीन में छिपा तमंचा निकालकर सियाराम को गोली मार दी। गोली फेफड़े और बाएं हाथ में लगी थी और कानपुर ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
सियाराम के भाई विश्राम की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। अदालत ने सुनवाई के बाद रामसेवक को हत्या में आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। साथ ही आर्म्स एक्ट में तीन साल की सजा व तीन हजार रुपये जुर्माना लगाया। पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर कमला को दोषमुक्त कर दिया गया।