फतेहपुर। पौली व सधुवापुर गांव के बीच एक जून की रात बाइक सवार पशु व्यापारी से तमंचे के बल पर साढ़े तीन लाख की लूट के मामले में आईजी अजय मिश्रा ने दो थानेदारों और एक चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि पीड़ित व्यापारी को सीमा विवाद बताकर तीन दिन तक लौटा गया। वहीं निलंबन के पहले विजयीपुर चौकी इंचार्ज वीरेंद्र पांडेय की तहरीर पर खखरेरू पुलिस ने बृहस्पतिवार देर शाम बाइक और बोलेरो सवार चार बदमाशों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
किशुनपुर थाना क्षेत्र के नरैनी गांव निवासी पशु व्यापारी शमशाद अहमद के मुताबिक वह एक जून की शाम सात बजे खखरेरू कस्बा स्थित ग्राहक सेवा केंद्र से खाते में जमा 1.99 लाख रुपये निकालकर पहले से मौजूद 1.50 लाख रुपये लेकर बाइक से रात नौ बजे घर लौट रहा था। पौली व सधुवापुर गांव के बीच बोलेरो सवार दो और बाइक सवार दो बदमाशों ने उसे रोक लिया।
इसके बाद तमंचा सटाकर बोलेरो में घसीट ले गए। यहां उससे साढ़े तीन लाख रुपये नकदी और मोबाइल लूट लिया गया। दहशत में वह परिजन को बुलाकर विजयीपुर चौकी पहुंचा और पुलिस से शिकायत की लेकिन उसे खखरेरू की घटना बताकर लौटा दिया गया। खखरेरू पुलिस ने भी मामले को संदिग्ध बताते हुए लूट की प्राथमिकी नहीं दर्ज की।
पशु व्यापारी से लूट और सीमा विवाद के चलते किशनपुर, खखरेरू थानाध्यक्ष की ओर से उन्हें लौटाने की बात सोशल मीडिया एक पोस्ट के जरिये वायरल हो गई। इसका आईजी अजय मिश्रा ने संज्ञान लिया और अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञान प्रकाश राय से जांच कराई। इसमें मामला सही पाया गया।
इस पर आईजी ने खखरेरू थानाध्यक्ष विद्या प्रकाश सिंह, किशनपुर थाना प्रभारी निरीक्षक बच्चेलाल प्रसाद और विजयीपुर चौकी प्रभारी धीरेंद्र पांडेय को निलंबित कर दिया गया। साथ ही जांच भी बैठा दी। वहीं एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने आईजी के जरिये निलंबन किए जाने की पुष्टि की है।
सर्राफ से लूट के खुलासे में असफल रहे थानाध्यक्ष
करीब दो माह पहले खखरेरू थाना क्षेत्र में सराफ से हुई लूट की घटना का खुलासा पुलिस नहीं कर सकी थी। इस मामले में भी थानाध्यक्ष कार्रवाई के दायरे में आ चुके थे।
फोटो-36-खखरेरू थानाध्यक्ष विद्या प्रकाश सिंह। स्रोत: सोशल मीडिया
फोटो-36-खखरेरू थानाध्यक्ष विद्या प्रकाश सिंह। स्रोत: सोशल मीडिया
फोटो-36-खखरेरू थानाध्यक्ष विद्या प्रकाश सिंह। स्रोत: सोशल मीडिया