फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुखार से तिरहार में दो और मौत

विज्ञापन
नसेनिया में गरीबों का स्वास्थ्य परीक्षण करते डॉक्टर - फोटो : FATEHPUR
विज्ञापन
तिरहार की जिंदगी पर बुखार हमलावर है। दो महीने से यह जानलेवा बना है। चौबीस घंटे के अंतराल में ब्लाक क्षेत्र के नसेनिया की एक महिला और भगौनापुर के किशोर की बुखार से मौत हो गई। दोनों का कानपुर में अलग-अलग जगह पर इलाज चल रहा था।
विज्ञापन

हैरत की बात यह है कि मंत्री, सांसद और डीएम के सीधे हस्तक्षेप के बावजूद बुखार का प्रकोप काबू नहीं आ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही, लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रही है। तिरहार में अभी तक बुखार से एक एक करके 64 मौतें हो चुकी हैं।
नसेनिया गांव के अरविंद गुप्त की पत्नी गुड़िया (35) को सप्ताह भर से बुखार आ रहा था। गांव में लग रहे सरकारी स्वास्थ्य शिविर से फायदा न मिलने पर महिला को तीन दिन पहले कानपुर के हैलट में भर्ती कराया गया था। जहां शनिवार की सुबह मौत हो गई। नसेनिया में बुखार से यह छठवी मौत है।
विज्ञापन

दूसरी मौत नसेनिया से पांच किलोमीटर दूर सलेमपुर कनैरा(भगौनापुर) गांव के राम प्रसाद के बेटे शिव कुमार (17) की हुई। बुखार आने पर परिजन इस किशोर को हफ्ता भर पहले कानपुर ले गए थे। जहां पर एक निजी अस्पताल में शिव कुमार का इलाज चल रहा था। शनिवार की सुबह शिव कुमार ने कानपुर में ही दम तोड़ दिया।
स्वास्थ्य विभाग शिविर भी लगा रहा है लेकिन जनता का इन शिविरों से विश्वास उठता जा रहा है। यही वजह है कि न के बराबर लोग, इलाज कराने शिविर मेें पहुंच रहे हैं। शनिवार को डॉ. संदीप कुमार व राजेश कुमार की टीम ने नसेनिया में शिविर लगाया। जिसमें महज आठ लोग ही पहुंचे।
इनमें से बुखार का एक रोगी निकला। रोगी की मलेरिया जांच कराई गई। जिसकी रिपोर्ट निगेटिव रही। यही पर पांच कोविड-19 के सैँपल भी लिए गए। उधर, पनेरुवा जजमोइया व परसेढ़ा मे एण्टी लार्वा का छिड़काव किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें