शहर के दोनों राजकीय इंटर कालेजों के दिन बहुरने वाले
हैं। 50 लाख की लागत से जीआईसी के ऐतिहासिक भवन का जीर्णोद्धार होगा। छत
से लेकर दरवाजे खिड़कियों बदली जाएंगी। जीजीआईसी भवन की मरम्मत के साथ
संसाधनों से लैस किया जाएगा। ग्राउंड में मखमली घास के साथ खूबसूरत फूल
खिलेंगे। इसके लिए क्लीन स्कूल, ग्रीन स्कूल योजना के तहत एक करोड़ का बजट
स्वीकृत किया गया है। नए वित्तीय वर्ष में योजना में काम शुरू हो जाएगा।
जिला
मुख्यालय के दोनों राजकीय इंटर कालेजों का चयन क्लीन स्कूल, ग्रीन स्कूल
योजना में हो गया है। इस योजना के तहत 50-50 लाख की धनराशि से स्कूलों को
क्लीन एवं ग्रीन करने का प्रावधन है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने जीआईसी के
पुराने ऐतिहासिक भवन का जीर्णोद्धार कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत
पुरानी छत के ऊपर तीन इंच मोटी आरसीसी की नई छत, दीवारों में नया
प्लास्टर, सभी दरवाजे खिड़कियां बदलने, फर्श और तीन फीट ऊंचाई तक दीवारों
में टाइल्स लगाने का स्टीमेट तैयार करके शासन में भेजा जा चुका है।
क्लीन
स्कूल ग्रीन स्कूल योजना के तहत राजकीय बालिका इंटर कालेज फतेहपुर का भी
चयन हो चुका है। इसके भवन की भी मरम्मत, लैबों का आधुनिकीकरण, फर्नीचर,
स्मार्ट कक्ष आदि का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा ग्राउंड में मखमली
घास के साथ खूबसूरत पेड़ पौधे लगाए जाएंगे।
खूबसूरत फूलों के बीच
छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए झुरमुटों के बीच बेंचे और फव्वारे बनाए
जाने हैं। यह सब होने के बाद दोनों राजकीय इंटर कालेज अपने आप में अलग
दिखेंगे। दोनों स्कूलों के परियोजना में शामिल होने बाद शासन ने एक करोड़
का बजट स्वीकृत कर दिया है।
चालू सत्र में ही बजट का आवटन हो जाएगा। नए
वित्तीय वर्ष में योजना में काम शुरू होना तय है। सहायक लेखा अधिकारी
माध्यमिक आनंद विक्रम सिंह ने बताया कि दोनों राजकीय इंटर कालेजों का चयन
क्लीन स्कूल, ग्रीन स्कूल योजना में हो गया है।
यह जिले के लिए गौरव की बात
है। दोनों स्कूलों को क्लीन और ग्रीन बनाने में एक करोड़ का बजट खर्च किया
जाएगा। अगले वित्तीय वर्ष से काम प्रारंभ हो जाएगा।