असोथर (फतेहपुर)। लीकेज सिलेंडर से सोमवार की सुबह सुजानपुर गांव में आग लग गई। चपेट में आकर दो घरों की ज्यादातर गृहस्थी जल गई। आग की लपटें उठती देखकर ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को इत्तला की। इसके बावजूद दमकल जवान नहीं पहुंचे। ग्रामीणों ने तालाब और हैंडपंप के पानी से आग पर काबू पाया।
सुजानपुर गांव असोथर का मजरा है। सुबह नौ बजे नारायन की पत्नी निर्मला रसोई में गैस सिलेंडर से खाना पका रही थी। वह चावल चढ़ाकर पड़ोस की दुकान में सोयाबीन लेने चली गई थी। लौटी तो उसके घर से आग की लपटें उठ रही थीं। देखते ही देखते आग ने घर के आधे से ज्यादा हिस्से को चपेट में ले लिया था। पड़ोसी, परिजन सभी आग बुझाने में जुट गए। आग की लपटें बढ़ती ही जा रही थीं। कुछ ही देर में पड़ोसी शिव नारायन का घर भी चपेट में आ गया। सुबह का वक्त होने की वजह से ज्यादातर लोग गांव में ही थे। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। दमकल कर्मियों के न पहुंचने से लोगों में नाराजगी रही। उनका कहना था कि अगर पास में तालाब और हैंडपंप न होते तो और भी घर चपेट में आ जाते। आग से नारायन का 50 हजार और पड़ोसी का एक लाख का नुकसान हुआ। पड़ोसी के 20 हजार रुपये भी जल गए।