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औपचारिक बना ऐलान, महज आधा घंटा का टोल माफ

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कृषि कानून के विरोध में देश भर के प्लाजा पर दो घंटे के लिए टोल माफी की घोषणा जिले में खास असर नहीं दिखा सकी। दोपहर 12 से दो बजे तक टोल माफ करने की घोषणा के बाद जिले के तीन में से दो प्लाजा पर आधे घंटे भी टोल फ्री नहीं रह सका।
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बड़ौरी और जिंदपुर टोल प्लाजा पर मात्र 15-15 मिनट और कटोघन में 30 मिनट के लिए ही टोल माफी रही। पुलिस प्रशासन के सख्त रुख के चलते किसान नेताओं का यह विरोध सिर्फ औपचारिकता में सिमटता दिखा।
हालांकि टोल माफी की जानकारी के बाद टोल की कैश लाइनों पर गाड़ियां की तादात तो खूब दिखी लेकिन इसका फायदा कुछ को ही मिला। कटोघन प्लाजा पर इस अवधि में गुजरने वाले वाहनों की तादाद सबसे ज्यादा रही। डीएम-एसपी घूम-घूमकर निरीक्षण करते दिखे।
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किसानों के दो घंटे तक टोल मुफ्त कराए जाने की घोषणा का महज 15 मिनट बड़ौरी टोल प्लाजा पर असर देखने को मिला। किसान संगठनों की चेतावनी की वजह से तहसीलदार बिंदकी गणेश सिंह व डीएसपी थरियांव अनिल कुमार के साथ राजस्व कर्मियों की टीम दोपहर 11 बजे से ही मुस्तैद थी।
दोपहर 12 बजकर 38 मिनट पर भाकियू के जिलाध्यक्ष राज कुमार गौतम कार्यकर्ताओं के साथ टोल प्लाजा पहुंचे। 10 मिनट तक कृषि कानून पर नाराजगी का इजहार करने के बाद तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
इसके बाद दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से दोपहर एक बजकर पांच मिनट तक इस टोल से बिना कैश की अदायगी किए वाहन आवाजाही करते रहे। 15 मिनट के टोल फ्री होने की सुविधा के दायरे में यहां पर 55 गाड़ियां आईं।
जिंदपुर टोल प्लाजा पर दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर भाकियू जिला महासचिव प्रीतम सिंह की अगवाई में टिकैत गुट के कार्यकर्ता पहुंचे। दरी बिछा कर प्लाजा पर किसान नेता, मौजूदा सरकार पर कृषि कानून को लेकर भड़ास निकालते रहे।
भाकियू नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस प्लाजा को दोपहर साढ़े 12 बजे से 12 बजकर 45 तक टोल फ्री कराए रखा। पुलिस व प्रशासन की मुस्तैैदी के बीच दोपहर एक बजे एसडीएम सदर प्रमोद झा को ज्ञापन सौंपा। सवा एक बजे किसान नेता, टोल प्लाजा छोड़कर चले गए।
इसके कुछ देर बाद डीएम संजीव सिंह भी एसपी सतपाल अंतिल के साथ जिंदपुर टोल पहुंचे और टोल कर्मियों से बात की। यहां से मुफ्त कराए गए टोल की अवधि में 24 गाड़ियां गुजरीं।
किसान नेताओं को दोपहर 12 बजे से दोपहर दो बजे तक के लिए टोल फ्री कराना था लेकिन यह खुद दोपहर दो बजे पहुंचे। तहसील अध्यक्ष महेंद्र सिंह के नेतृत्व में भाकियू टिकैत गुट के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करके कृषि कानून वापस लेने की मांग की। यहां पर एसडीएम प्रह्लाद सिंह और डीएसपी अंशुमान मिश्रा व कोतवाल आरके सिंह पहले से ही मौजूद थे।
लिहाजा यहां भी घोषणा पर ज्यादा अमल नहीं हो सका। भाकियू कार्यकर्ताओं ने वीआईपी लेन पर अपनी आवाज बुलंद करते हुए ढाई बजे तक के लिए टोल फ्री करा दिया। जिससे यहां से इस दौरान 150 के करीब वाहन बिना पर्ची कटाए आगे बढ़ गए।
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