जिले में संक्रामक बीमारी थमने का नाम नहीं ले रही है। रविवार को सदर अस्पताल में बिंदकी के खजुहा ब्लाक में रहने वाली एक किशोरी ने बुखार से सदर अस्पताल में दम तोड़ दिया। उधर, खागा के ऐराया ब्लाक के एक युवक की बुखार के चलते कानपुर के एक नर्सिंग होम में सांसें थम गईं। इस तरह जिले में डेढ़-दो महीने में मरने वालों की संख्या 31 हो गई।
जाफरगंज प्रतिनिधि के मुताबिक खजुहा पीएचसी से ताल्लुक रखने वाली भीखमपुर ग्राम पंचायत की आबादी 500 के करीब है। गांव की हर दूसरी-तीसरी चौखट में वायरल फीवर की घुसपैठ हो चुकी है। राम बिहारी, बोधन, राजू, हरिश्चंद्र, बाबू, कुलदीप, रन्नो देवी समेत करीब पचास लोग बुखार से तप रहे हैं। शीला देवी की बेटी प्रीति उर्फ भानू(14) को तीन दिन पहले बुखार आया था।
जिसका स्थानीय स्तर पर इलाज चल रहा था। रविवार की सुबह हालत बिगड़ने पर परिजन उसे बिंदकी सीएचसी लेकर आए थे। स्थिति में सुधार न देखकर यहां से किशोरी को सदर अस्पताल भेज दिया गया, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। उधर, किशोरी की मौत की जानकारी से समूचे गांव में दशहत फैल गई है।
बता दें कि भीखमपुर के मजरे कसियापुर में इससे पहले संक्रामक और मच्छरजनित बीमारियां कोहराम मचा चुकी हैं। कई दिन स्वास्थ्य टीम के कैंप करने के बावजूद कसियापुर के तमाम रोगियों को कानपुर मेें जाकर इलाज कराना पड़ा। खागा प्रतिनिधि के अनुसार, ऐराया ब्लाक के जसराजपुर गांव निवासी सत्येंद्र सिंह के बेटे सनी(18) को एक सप्ताह से बुखार था। दो दिन पहले उसे हालत बिगड़ने पर परिजन कानपुर के एक नर्सिंग होम ले गए थे। वहां शनिवार की रात इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन शव लेकर घर आ गए। गांव में और भी कई लोग बुखार से पीड़ित हैं, इससे दहशत का माहौल है।