किशनपुर पीएचसी के गांव जगतपुर निवासी शंकर विश्वकर्मा (65) को कई दिन से बुखार आ रहा था। रविवार को शंकर की हालत ज्यादा खराब होने पर परिजन उन्हें इलाज के लिए हरदो-खागा सीएचसी लेकर जा रहे थे जिनकी बीच रास्ते में मौत हो गई।
इस गांव में बुखार पीड़ितों की संख्या 50 के करीब जा पहुंची है। स्वास्थ्य विभाग की टीम के न पहुंचने पर ग्रामीण प्राइवेट इलाज को तरजीह दे रहे हैं। उधर, थरियांव प्रतिनिधि के मुताबिक हंसवा पीएचसी के अब्दुल्लापुर गांव के मोतीलाल (70) की भी बुखार से मौत हो गई। उन्हें हफ्ते भर से बुखार आ रहा था।
सरकारी इलाज से फायदा न मिलने पर प्राइवेट इलाज चल रहा था रविवार की शाम चार बजे मौत हो गई। अब्दुल्लापुर गांव में भी बुखार से ग्रसित लोग लगातार बढ़ते जा रहे हैं। सीएमओ डॉ. विनय कुमार पांडेय ने बताया कि बुखार से मौत की जानकारी नहीं है। इलाकाई स्वास्थ्य टीमों को भेजकर बचाव के उपाय किए जाएंगे।
पीडी को डेंगू, लखनऊ में भर्ती
फतेहपुर। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक अशोक कुमार निगम को भी डेंगू हो गया। वह कई दिन से अस्वस्थ थे। हालात बिगड़ने पर शुक्रवार को लखनऊ के शेखर हास्पिटल में जांच कराई तो उनके डेंगू पॉजीटिव होने की पुष्टि हुई। मनरेगा उपायुक्त पुतान सिंह यादव ने पीडी के परिजनों के हवाले से यह जानकारी दी है।