फतेहपुर। छोटे भाई और उसकी पत्नी को घर में घुसकर मारपीट और छेड़छाड़ करने वाले दो जेठों को एडीजे न्यायालय ने बृहस्पतिवार को दोषी ठहराया है। न्यायालय ने दोनों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई है।
साथ ही चार-चार हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाते हुए स्पष्ट किया कि ऐसे अपराध बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। पीड़ित परिवार ने घटनाक्रम के बाद लंबे समय तक न्याय की मांग की थी।
साल 2011 की यह घटना तब हुई जब वादी कुसुमा पाल का पति गुजरात पाल खेत में काम कर रहा था। इसी दौरान जेठ शिवबालक, रघुराज पाल और एक देवर घर में घुसकर मारपीट करने लगे। बचाने आए पति को भी गंभीर चोटें आईं।
पुलिस ने मामले की जांच कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। इसकी सुनवाई के दौरान अपर जिला जज रामकिशोर तृतीय ने आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। मामले का तीसरा आरोपी नाबालिग है जिसकी कार्रवाई किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है।