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यमदूत बना ट्रेलर, तीन सगे भाइयों व भतीजे को रौंदा

Thu, 12 Mar 2015 12:23 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फतेहपुर
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बाइकों से भरा ट्रेलर बुधवार रात यमदूत बन गया। उसने थरियांव थाना क्षेत्र के उसरैना के पास हाइवे पर सात लोगों को रौंद दिया। इसमें तीन सगे भाइयों एवं एक भतीजे की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि तीन लोगों को गंभीरावस्था में कानपुर रेफर किया गया है।
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हादसा ट्रेलर का टायर फटने से होना बताया जा रहा है। हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत ने इलाके के लोगों को हिला दिया।

हुसैनगंज थाना क्षेत्र के बदले का पुरवा मजरे महोई से खागा के मझटनेगी गांव के लिए बारात जा रही थी।  बारात में  जाने के लिए एक बाइक से लालमणि (40), उसका भाई शेषमणि (37) एवं भतीजा दयाशंकर (25) निकले, जबकि दूसरी बाइक से लालमणि का छोटा भाई भोला (35), उसकी बेटी सुमित्रा और गांव का ही चंद्रसेन सवार थे। ये लोग हाइवे पर थरियांव थाना क्षेत्र के उसरैना गांव के सामने पहुंचे थे कि बाइकें लादकर इलाहाबाद की ओर ट्रेलर का अगले पहिए का टायर फट गया।

इससे ट्रेलर अनियंत्रित होकर बाइक सवारों को  कुचलते हुए आगे निकल गया। इस दौरान बाइक सवार ट्रेलर में फंस कर काफी दूर तक घिसटते रहे।

इस हादसे में सड़क के किनारे जा रहा थरियाव के रामपुर भदोही निवासी सुंदर लोधी भी चपेट में आ गया। हादसे की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से सभी को बाहर निकला।
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इस दौरान तीनों भाई लालमणि, शेषमणि, भोला एवं उनके भतीजे दयाशंकर की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि सुमित्रा, सुंदर लोधी और चंद्रसेन को गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां स्थिति गंभीर देख चिकित्सकों ने तीनों को कानपुर रेफर कर दिया।

मरने वालों में लालणि टेलीफोन एक्सचेंज फगवाड़ा एवं  शेषमणि टेलीफोन एक्सचेंज चंडीगढ़ में आपरेटर के पद पर कार्यरत थे। ये शादी समारोह में शामिल होने के लिए आए थे।

एक झटके में खत्म हो गया परिवार
हादसे में ननबुद के तीनों वारिस एक झटके में मौत की आगोश में समा गए। इस दर्दनाक हादसे के बाद सभी की आंखें नम थीं। ननबुद के अब चारों पुत्र इस दुनिया में नहीं हैं। एक बेटे रजऊ की पहले ही मौत हो चुकी है। जबकि बचे तीन बेटे लालमणि, शेषमणि और भोला भी इस हादसे की भेंट चढ़ गए। इसके अलावा रजऊ इकलौता बेटा दयाशंकर भी इस हादसे में काल के गाल में समा गया। दयाशंकर की पिछले साल ही शादी हुई थी। हादसे के बाद मौके पर पहुंची दयाशंकर की बहन वेसपति का रो रोकर बुरा हाल था। एक झटके में वेसपति के सिर से भाई का भी सहारा छिन गया।
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