सदर अस्पताल में बन कर तैयार थ्री लेवल का ट्रामा सेंटर
- फोटो : अमर उजाला
सड़क हादसे में घायल लोगों के लिए राहतभरी खबर है। आजकल के फेर में फंसे थ्री लेवल ट्रामा सेंटर का अब फौरी संचालन शुरू होने जा रहा है। चालू महीने के अंत तक यह काम करने लगेगा। वैसे तो इसमें कई विशेषज्ञ डॉक्टरों को सेवाएं देनी है फिर भी इसे चालू कराने के लिए दो आर्थोपैडिक सर्जन की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। आर्थो से संबंधित रोगियों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अस्पताल के चाइल्ड वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जाएगा।
जिले के थ्री लेवल के ट्रामा सेंटर की स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2011-12 में हुई थी। दो करोड़ की लागत वाला यह ट्रामा सेंटर तमाम झंझावतों से जूझते हुए सितंबर 2015 में बन कर तैयार हो सका। निर्माण कार्य कर कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल के स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर करने के बाद स्टाफ व संसाधन की दरकार आई।
ट्रामा सेंटर के संचालन के लिए स्थानीय स्वास्थ्य महकमे ने विभागीय अफसरों से लेकर शासन तक कागजी घोड़ा दौड़ाया। इसके बावजूद स्टाफ व संसाधन अपेक्षा अनुरूप उपलब्धता का रास्ता अभी तक नहीं साफ हो सका। इसे देखते हुए डीएम राजीव रौतेला ने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं से इस मसले पर बात की।
इसके बाद ट्रामा सेंटर चालू होने की उम्मीदें बढ़ी और फौरी तौर पर इसके संचालन को हरी झंडी मिल गई। सदर अस्पताल के सीएमएस डॉ. एके मिश्रा कहते हैं कि ट्रामा सेंटर के लिए दो आर्थो सर्जन की व्यवस्था हो चुकी है।
आर्थो सर्जन एक-दो दिन में अपनी सेवाएं देने लगेंगे। इन सर्जनों की सेवाएं लेने के लिए सदर अस्पताल के पंजीयन कक्ष से एक रुपये का पर्चा बनवाना होगा। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत आर्थो से संबंधित रोगियों को अस्पताल के निष्प्रयोज्य चाइल्ड वार्ड में भर्ती किया जाएगा।