शहर के महारथी मोहल्ले में पानी के लिए हैंडपंप में लगी लाइन।
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शहर के अधिक ऊंचाई वाले आधा दर्जन मोहल्लों में अभी तक जलापूर्ति सुचारु नहीं हो पाई है। ऐसे में शहर की पुरानी आबादी वाले इन मोहल्लों में पेयजल की खासी किल्लत है। नगर पालिका से लेकर कलेक्ट्रेट तक आवाज गूंजने के बाद भी कोई निदान नहीं हुआ। यहां पर हर गरीब परिवार को संपन्न पड़ोसी के सबमर्सिबल से पानी लेना पड़ रहा है।
शहर की पुरानी आबादी सरांय, चंदियाना, रस्तोगंज, महाजरी, महारथी, बाकरगंज पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। भीषण गर्मी का मौसम होने के कारण लोगों में पेयजल के लिए त्राहि-त्राहि मची है। हालांकि इन मोहल्लों में पीने के पानी का संकट कोई नया नहीं है, लेकिन जलस्तर अधिक नीचे जाने के कारण अधिकांश इंडिया मार्का हैंडपंप जवाब दे चुके हैं।
ऐसी हालत में अब निजी सबमर्सिबल पंप ही सहारा बचे हैं। यह व्यवस्था संपन्न परिवारों के पास है, लेकिन आम लोग तो नगर पालिका की जलापूर्ति के भरोसे हैं। पूर्व सभासद संजय लाला का कहना है कि इन मोहल्लों में पीने के पानी की गंभीर समस्या है।
मोहल्लेवासी नगर पालिका परिषद कार्यालय और कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसी हालत में लोग संपन्न पड़ोसियों के सबमर्सिबल पंपों से पानी लेकर प्यास बुझा रहे हैं।