फतेहपुर। उत्तम उद्योग व्यापार मंडल उप्र के बैनर तले शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में व्यापारी कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने वित्तमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम दुर्गेश कुमार को सौंपकर 15 अक्तूबर से लागू होने वाली नई यूपीआई मर्चेंट डिस्काउंट रेट नीति में संशोधन की मांग की। व्यापारियों ने प्रस्तावित शुल्क का विरोध करते हुए इसे व्यापारियों के हित में वापस लेने की मांग की।
प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण कुमार साहू ने कहा कि डिजिटल इंडिया और यूपीआई के बढ़ते प्रसार से बैंकों को नकदी प्रबंधन में काफी बचत हुई है। पहले नकदी परिवहन, एटीएम रखरखाव और शाखाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर बैंकों को भारी खर्च करना पड़ता था, लेकिन यूपीआई के बढ़ते इस्तेमाल से यह खर्च कम हुआ है।
उन्होंने कहा कि अब यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत मूल मर्चेंट डिस्काउंट रेट शुल्क लगाया जा रहा है। बैंकों की ओर से वसूले जाने वाले इस शुल्क पर 10 प्रतिशत जीएसटी भी देय होगा। इससे व्यापारियों के लिए डिजिटल भुगतान की वास्तविक लागत बढ़ेगी। अतिरिक्त शुल्क का भार ग्राहकों पर डालना भी व्यापारियों के लिए संभव नहीं है।
व्यापारियों ने ज्ञापन में व्यापारिक लेनदेन पर प्रस्तावित एमडीआर शुल्क शून्य रखने, गलत शुल्क वसूली की स्थिति में शिकायतों के शीघ्र निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की। साथ ही शून्य एमडीआर की सीमा दो हजार से बढ़ाकर 10 हजार रुपये और छोटे व्यापारियों के लिए मासिक टर्नओवर की सुरक्षा सीमा एक लाख से बढ़ाकर तीन लाख रुपये करने की मांग रखी।
ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष मनोज कुमार साहू, संदीप श्रीवास्तव, जय किशन, प्रेमदत्त उमराव, भंवर सिंह, सौरभ गुप्ता, श्रवण कुमार दीक्षित, मोहम्मद इसराल और सलामत अली शामिल रहे।
फोटो-05- कलक्ट्रेट गेट में खड़े उत्तम उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी। स्रोत