खागा। विजयीपुर विकास खंड के टेनी ग्राम पंचायत में हसवा रजबहा में खांदी कटने से किसानों की डूबी फसलों का निरीक्षण करने सदर एसडीएम शुक्रवार को गांव पहुंचे।
जांच के दौरान यह पाया गया कि नई रेलवे लाइन बनाते समय कार्यदायी संस्था ने माइनर की पटरियों को क्षतिग्रस्त किया था। इतना ही नहीं नहर सफाई से पहले सिंचाई खंड ने भी खांदी नहीं देखी। नतीजा ये रहा कि करीब 250 बीघे खेत जलमग्न हो गए।
बता दें कि मंगलवार रात टेनी गांव में रेलवे लाइन किनारे से निकले हसवा रजबहा में खांदी कट गई थी। इस कारण कई किसानों की फसलें बर्बाद हो गई थी।
बुधवार सुबह किसानों को खांदी कटने के बारे में पता चला था। इस प्रकरण को लेकर जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे के निर्देश पर एसडीएम सदर प्रमोद झा शुक्रवार सुबह टेनी गांव पहुंचे।
जांच के दौरान पाया गया कि हसवा रजबहा में पिछले डेढ़ दशक से पानी नहीं छोड़ा गया था। ऐसे में जब कुछ साल पहले रेलवे लाइन का निर्माण हुआ तो कार्यदायी संस्था ने माइनर के दोनों ओर से बड़े पैमाने पर मिट्टी निकाली थी।
जिससे यहां पटरी कमजोर हो गई। माइनर में पानी छोड़ने से पहले भी सिंचाई खंड ने रजबहा के किनारों की जांच नहीं की। डेढ़ दशक बाद अचानक पानी छोड़ने से माइनर में खांदी कटने से पानी खेतों में चला गया।
एसडीएम प्रमोद झा ने बताया कि सिंचाई खंड के अधिकारियों से बातचीत कर पानी बंद करा दिया गया है। करीब 250 बीघे खेत में पानी फैला हुआ है।
खेतों और ऊसर के बीच बांध बनाया
एसडीएम प्रमोद झा ने बताया कि टेनी गांव में खेतों के साथ ही एक ऊसर की जमीन पर पानी भरा हुआ है। यह पानी खेतों की ओर न आ सके, इसके लिए खेतों व ऊसर के बीच बांध बनाया गया है।
खेतों में भरे पानी को निकालने के लिए सभी जरूरी उपाय किए जा रहे हैं। एक-दो दिन में पानी खेतों से बाहर हो जाएगा। इसके साथ ही सिंचाई खंड को निर्देशित किया गया है कि वह दोबारा पानी छोड़ने से पहले हसवा रजबहा की पटरी की मरम्मत कराएं।
संग्रामपुर गांव में भी पानी पहुंचा, स्थिति ठीक
एसडीएम सदर प्रमोद झा टेनी गांव के बाद संग्रामपुर गांव पहुंचे। गांव में रजबहा की टेल से एक किमी पहले खांदी के जरिये पानी तालाब में जा रहा था और तालाब ओवरफ्लो होने के बाद यह पानी खेतों की ओर पहुंच गया है।
एसडीएम ने बताया कि संग्रामपुर गांव में स्थिति सामान्य है। करीब दो से तीन बीघे फसल का नुकसान हुआ है। खांदी बंद कराने के निर्देश दिए गए हैं।