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सावन का पहला सोमवार आज, भक्तों में उत्साह

Mon, 25 Jul 2016 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो फतेहपुर
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जीटी रोड स्थित बड़ा शिवाला मंदिर। - फोटो : अमर उजाला
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श्रावण मास का पहला सोमवार आज है। देवाधिदेव महादेव भगवान भोले शंकर की पूजा अर्चना को लेकर भक्तों में अपार उत्साह है। इस पावन पर्व पर जो भक्त शिवलिंग का जलाभिषेक कर बेल पत्र श्रद्धा के साथ अर्पित करेंगे, उन्हें भोले बाबा का आशीर्वाद मिलेगा। शहर के सिद्धपीठ तांबेश्वर मंदिर को फूलों और रंग बिरंगी झालरों से सजाया गया है।
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सावन के महीने में इस बार चार सोमवार पड़ रहे हैं। श्रावण मास बाबा की पूजा अर्चना करने के लिए सबसे सर्वोत्तम माना गया है। आचार्य केके पांडेय का कहना है कि इस महीने श्रद्धालु यदि शिवजी को जलाभिषेक करते हैं तो उन्हें मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। शिव आराधना के इस दिन चारों पहर शिवजी की कृपा बरसती है। शहर में सिद्धपीठ तांबेश्वर मंदिर में साफ-सफाई का काम पूरा हो गया है।


सावन के सोमवार में सबसे ज्यादा भीड़ तांबेश्वर मंदिर में लगती है, जहां पर कांवरिये गंगा जल लाकर शिवजी का जलाभिषेक करते हैं। भोर पहर से ही भगवान के जलाभिषेक के लिए मंदिरों के कपाट खोले जाएंगे। इसी प्रकार जीटी रोड स्थित बड़े शिवाला में रंगाई पुताई का काम पूरा हो गया है। मंदिर में सुबह और शाम आरती होगी, यहां काफी संख्या में भक्त सुबह शाम जलाभिषेक करने आते हैं। इसी प्रकार बांदा- सागर रोड स्थित मोटेश्वर महादेव मंदिर में सावन के पहले सोमवार को भक्तों की भीड़ रहेगी।
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बहते पानी में जीवित मछली डालें तो मिलेगा पुण्य- आचार्य दुर्गादत्त शास्त्री ने बताया कि सावन का महीना उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में शुरू हो गया है। इस बार गुरु चांडाल योग में सावन शुरू हो रहा है, जिनकी कुंडली में राहु और केतु की दशाएं चल रही हैं। वह जीवित मछली को बहते हुए पानी में पूरे सावन महीने डाले। ऐसा करने पर शिव की कृपा होगी।


स्वयं के कल्याण के लिए ओम नम: शिवाय और परिवार के कल्याण के लिए ऊॅं  नम: शिवाय का जाम करें। बताया कि बेल पत्र के वृक्ष के नीचे शिवलिंग की पूजा करने से सभी मनोकामना पूरी होती हैं। बेल पत्र की जड़ का जल सिर पर लगाने से सभी तीर्थों की यात्रा का पुण्य मिलता है।



ऐसे होंगे महादेव प्रसन्न- फतेहपुर। पूजा में भगवान शिव को धतूरा के फूल बहुत प्रिय है। भगवान शिव को आशुतोष (तत्काल प्रसन्न होने वाले) कहा गया है। भोले बाबा जल व बिल्व पत्र से ही प्रसन्न हो जाते हैं। पहले सोमवार को एक मुठ्ठी कच्चे चावल चढ़ाना शुभ होता है। दूसरे सोमवार को सफेद तिल्ली चढ़ाना चाहिए। तीसरे सोमवार को खड़ी मूंग और चौथे सोमवार को एक मुठ्ठी जौ चढ़ाने से महादेव मनोवांछित फल देते हैं।



पूजन सामग्री ---- देव मूर्ति स्नान के लिए तांबे का पात्र, तांबे का लोटा, दूध, अर्पित किए जाने वाले वस्त्र, चावल, अष्टगंध, दीपक, तेल, रुई, धूपबत्ती, चंदन, धतूरा, अकुआ के फूल, बेलपत्र, जनेऊ, फल, मिठाई, नारियल, पंचामृत, सूखे मेवे, पान।


आठ घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता हुए इंतजाम- फतेहपुर। सावन के  पहले सोमवार की पूर्व संध्या से जिले के प्रमुख घाटों और हाईवे मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था की चौकसी बढ़ाई गई है। पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि जिले के प्रमुख घाटों भिटौरा, ओम घाट, असनी, शिवराजपुर, नौबस्ता, शिव मंदिर, सभा घाट, गुनीर में 24 घंटे पुलिस ड्यूटी लगाई है, यहां एक दरोगा व सिपाही की तैनाती की गई है। टीएसआई के अंडर में 27 प्रशिक्षु दरोगा हाईवे मार्ग पर लगाए गए हैं। यह सभी जगहों से निकलने वाले जुलूसों पर निगरानी करेंगे।


जुलूस को हाईवे पार कराने व सुरक्षित घाटों तक पहुंचाएंगे। हाईवे पर कांवर यात्रा के कलस्टर मोबाइल गश्त करेंगे। छह बाइक मोबाइल हाईवे पर गश्त करेगी। किसी भी तरह की जुलूस व कांवर यात्रा निकलने पर सूचना देगी और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाएगी।
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