फतेहपुर। बच्चों और महिलाओं को सही मात्रा और उच्च गुणवत्ता का पोषण मिल सके, इसके लिए संभव अभियान बुधवार से शुरू किया गया। यह अभियान 13 दिनों तक चलेगा। इसकी शुरुआत डीएम अपूर्वा दुबे ने शहर के मुराइन टोला स्थित कंपोजिट विद्यालय से की। कार्यक्रम का आयोजन बाल विकास विभाग की ओर से किया गया।
डीएम ने पांच वर्ष तक के कुपोषित बच्चों को पोषण सामग्री वितरित की और पांच गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कर उन्हें फल व पौष्टिक आहार भेंट किए। डीएम ने बताया अभियान के तहत पांच वर्ष तक के बच्चों को चिन्ह्ति करते हुए उनको सुपोषित की श्रेणी में लाया जाएगा। इसके लिए बच्चों का नियमित वजन कराने से लेकर
उनके खानपान और स्वास्थ्य परीक्षण तक पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। तीन माह के अभियान का मुख्य उद्देश्य पोषण की स्थिति में सुधार लाना है। इस बात को अधिकारी व कर्मचारी भलीभांति जान व समझ लें। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी जया त्रिपाठी, सीडीपीओ एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
फतेहपुर। जल संचयन के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए शुक्रवार से जल संरक्षण सप्ताह का शुुभारंभ किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने इसके लिए ‘जल संरक्षण है एक संकल्प, नहीं है इसका कोई विकल्प’ थीम निर्धारित की है। 16 से 22 जुलाई तक चलने वाले इस जल संरक्षण सप्ताह में ऐसे जलस्रोतों को मजबूत बनाया जाएगा, जिनसे वर्षा जल को अधिक से अधिक संचित किया जा सके।
डीएम अपूर्वा दुबे ने इस संबंध में बैठक की और जल संचय अभियान चलाने की रूपरेखा तय की। कहा कि जल संचय की मुख्य संरचनाएं जैसे चेकडैम, तालाब, कुआं व खेतों में मेड़ बंधी आदि के काम शुरू किए जाएं। इसी क्रम में केंद्र सरकार के सचिव और नमामि गंगे के प्रमुख सचिव ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जल संचय की जानकारी ली। इसमें डीएम और सीडीओ सत्य प्रकाश ने प्रतिभाग किया। सीडीओ ने बताया कि जिले में 400 तालाबों की मनरेगा से खुदाई कराने की रूपरेखा बनाई गई है।