फतेहपुर। सीओ यातायात का आदेश उनके ही विभाग ने हवा में उड़ा दिया। सोमवार रात हादसे में दो युवकों की मौत के बाद मुगल मार्ग पर प्रतिबंधित किए गए भारी वाहन फिर रफ्तार भरने लगे। बिंदकी की तरफ से इन वाहनों को मुगल रोड पर प्रवेश दिया गया। हालांकि दूसरी तरफ मौजूद मलवां पुलिस ने इन्हें आगे जाने से रोक दिया। उधर, सीओ बिंदकी ने हादसे वाले दिन तैनात सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट तैयार की है।
मलवां थानाक्षेत्र के ओखरा कुंवरपुर निवासी राघवेंद्र पटेल और सौरभ कुमार की 12 जुलाई की रात ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई थी। हादसा मुगल मार्ग पर भारी वाहनों के प्रतिबंधित क्षेत्र में हुआ था। इसके बाद मलवां थाना अंतर्गत कैंची मोड़ पर सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई। जहां भारी वाहनों को बिंदकी की तरफ जाने से रोका जा रहा है। हालांकि बिंदकी से इसी मार्ग पर वाहनों का प्रवेश दिया जा रहा है। जिससे प्रतिबंधित क्षेत्र में भारी वाहनों के आने जाना में लगी रोक मजाक बन गई है।
हादसे के बाद पिकेट ड्यूटी में तैनात मलवां थानाक्षेत्र के सिपाहियों के खिलाफ जांच शुरू की गई है। सीओ बिंदकी योगेंद्र मलिक ने बताया कि मुगल मार्ग पर जाने वाले वाहनों को रोकने के आदेश दिए गए हैं। औचक चेकिंग की जाएगी और ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। हादसे के दिन मौजूद सिपाहियों के खिलाफ जांच रिपोर्ट तैयार की गई है। जल्दी ही एसपी को सौंपी जाएगी।
बड़ौरी में टोल बचाने के लिए वाहन सवार मुगल मार्ग से होकर गुजरते हैं। औसत रूप से वाहनों का आवागमन देखें तो इन वाहनों से हाईवे को हर रोज ढ़ाई से तीन लाख की चपत लगती है। अब इस चपत के बदले ट्रकों को शार्टकट से गुजरने की सुविधा देने पर पुलिस को क्या मिलता है, यह नहीं कहा जा सकता। लेकिन विगत चार सालों से प्रतिबंध के बावजूद जिस तरह से अब तक भारी वाहन मुगल मार्ग से गुजरते रहे और टोल को चपत लगाते रहे, वह बिना पुलिस के संरक्षण के संभव नहीं है।