फतेहपुर। नए मोटर वाहन टैक्स नियम लागू होते ही जिले के वाहन स्वामियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पहले तीन माह में टैक्स जमा करने की सुविधा थी अब एकमुश्त भुगतान अनिवार्य कर दिया गया है। इससे छोटे कारोबारियों और एक से अधिक वाहन रखने वालों का बजट प्रभावित हुआ है।
सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है जिनके पास कई वाहन हैं। सभी वाहनों का टैक्स एक साथ जमा करना पड़ रहा है। इसके कारण बड़ी धनराशि की व्यवस्था करना आसान नहीं है। रकम जुटाने में असमर्थ वाहन स्वामी एआरटीओ कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
एआरटीओ कार्यालय पहुंचे राजेश यादव ने बताया कि उनके पास तीन वाहन हैं और पहले किस्तों में टैक्स जमा कर राहत मिल जाती थी लेकिन अब एकमुश्त भुगतान करना कठिन हो गया है।
इरफान अली ने कहा कि टैक्सी से परिवार का खर्च चलता है। ऐसे में अचानक बड़ी राशि जमा करना मुश्किल है। मालवाहक वाहन स्वामी रामकिशोर के अनुसार पहले काम के अनुसार टैक्स भरते थे अब पहले टैक्स चुकाने की बाध्यता है।
संतोष कुमार ने बताया कि कार्रवाई के डर से उधार लेकर भुगतान करना पड़ रहा है। वहीं विनोद निषाद ने नए नियमों की अपर्याप्त जानकारी को भी परेशानी का कारण बताया।
फिलहाल नए नियमों की जानकारी देने और वाहन स्वामियों को जागरूक करने के लिए परिवहन विभाग की ओर से शुक्रवार से ही जागरूकता मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले में टैक्स की दरों, भुगतान प्रक्रिया और नियमों से जुड़ी जानकारी दी जा रही है, ताकि वाहन स्वामी किसी तरह की गलती से बच सकें।
टैक्स की दरें
नए नियमों के तहत भाड़े पर चलने वाली दोपहिया बाइक पर वाहन कीमत का 12.5 प्रतिशत, तीन पहिया टैक्सी पर सात प्रतिशत टैक्स देना होगा। 10 लाख रुपये तक की टैक्सी और मैक्सी कैब पर 10.5 प्रतिशत, 10 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली टैक्सी और मैक्सी कैब पर 12.5 प्रतिशत टैक्स तय किया गया है। कंस्ट्रक्शन और स्पेशल पर्पज वाहनों पर वाहन कीमत का छह प्रतिशत टैक्स लगेगा। 3000 किलो तक के मालवाहक वाहन पर तीन प्रतिशत और 3000 से 7500 किलो वजन वाले मालवाहक वाहनों पर छह प्रतिशत टैक्स देना होगा। 7500 किलो से अधिक वजन वाले मालवाहक वाहनों पर वजन के आधार पर तिमाही और वार्षिक टैक्स लागू रहेगा। मालवाहक वाहन में सवारी मिलने पर 2200 रुपये प्रति यात्री अतिरिक्त टैक्स वसूला जाएगा।
पुराने पंजीकृत वाहनों को राहत
पहले से पंजीकृत वाहनों पर एकमुश्त टैक्स की गणना प्रत्येक पूरे वर्ष के लिए प्रचलित एकमुश्त टैक्स राशि में आठ प्रतिशत की छूट देकर की जाएगी। यह छूट अधिकतम 75 प्रतिशत तक ही मान्य होगी। टैक्स की गणना वाहन के प्रारंभिक पंजीकरण की तिथि से की जाएगी। एक वर्ष से कम अवधि को गणना में शामिल नहीं किया जाएगा।
- गीतांजलि मित्रा गौतम, एआरटीओ प्रशासन