फोटो-17-पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। स्रोत: पुलिस
फतेहपुर। बोगस फर्म बनाकर फर्जी जीएसटी इनवाइसिंग के जरिये आईटीसी क्लेम और पासआन कर ठगी करने वाले अंतरजनपदीय गैंग का पुलिस ने सोमवार को खुलासा किया। पुलिस ने गैंग के तीन आरोपियों को कानपुर से गिरफ्तार किया है। तीनों के कब्जे से मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस लाइन में एएसपी ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में उन्नाव जिले के गंगाघाट थाना क्षेत्र के गांधीनगर शुक्लागंज निवासी अरविंद श्रीवास्तव, कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र के दामोदर नगर वैष्णो माता मंदिर के पीछे संघर्ष नगर निवासी विवेक शुक्ला उर्फ संजय शुक्ला और कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र के गंगागंज निवासी दीपू गुप्ता उर्फ संजीव कुमार गुप्ता शामिल हैं।
जिला राज्यकर अधिकारी शैवालिनी सिंह ने बिंदकी कोतवाली में नौ अप्रैल 2026 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें आरएस ट्रेडर्स नामक फर्म बनाकर फर्जी जीएसटी बिलों के जरिये करीब 68 करोड़ रुपये का लेनदेन किए जाने का मामला सामने आया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गैंग के सदस्य जरूरतमंद और किराये के मकान में रहने वाले लोगों को मासिक कमीशन का लालच देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता, हस्ताक्षरित चेकबुक और सिम कार्ड हासिल करते थे।
इन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फर्मों के नाम से बैंक खाते खोले जाते थे। पुलिस ने बताया कि इन खातों का संचालन मुख्य सरगना संजय अग्रवाल उर्फ संजय लाला करता था। इनका इस्तेमाल फर्जी जीएसटी बिलिंग और आईटीसी फ्रॉड में किया जाता था।
कमीशन के रूप में मिली रकम को संजय अग्रवाल से लेकर आरोपी आपस में बांट लेते थे। एएसपी ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। यहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
फोटो-17-पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। स्रोत: पुलिस