संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। बीते सालों में जिले के लोगों को तरह-तरह के प्रलोभन देकर चिट फंड कंपनियों के संचालकों ने खूब लूटा है। 2012 से 2017 के बीच संचालित कंपनियों ने अरबों की ठगी की। इनके पीड़ितों ने संगठन बनाकर मांग करी कि बड्स एक्ट के तहत उनकी सुनवाई की जाए। मुकदमे के अलावा कोई सुनवाई नहीं हो सकी है।
हुसैनगंज थाने के बसोहनी गांव निवासी संजय कुमार ने कोर्ट के आदेश पर 27 दिसंबर 2020 को यूनीमैक्स चिट फंड कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। शहर के जेल के पीछे 2017 में यह चिटफंड कंपनी खुली थी। कंपनी में जिले के निवेशकों का करीब सात करोड़ रुपये ठगी की थी। शहर के अलीगंज मोहल्ले के नकी रजा रिजवी ने शांति नगर इलाके में 2014 में चिट फंड कंपनी पिनकॉन ग्रुप ऑफ कंपनीज पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कंपनी के खिलाफ पांच दिसंबर 2020 को कोतवाली में धोखाधड़ी कर पांच करोड़ रुपये हड़पने का मामला दर्ज हुआ। सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र की हमारा मिशन के संचालकों ने जिले के लोगों से करोड़ों की ठगी की। आरोपी भी पकड़े गए, लेकिन पीड़ितों को रुपये वापसी की मांग पूरी नहीं हो सकी है। इसी तरह मुराइनटोला में संचालित चिटफंड कंपनी, खुशवक्तराय नगर में संचालित रुद्र मैच्युल बेनीफिट लिमिटेड, नहर कालोनी के सामने संचालित लोकहित भारती क्रेडिट कोआपरेटिव संस्था, रियल विजन, सनसाइन ग्रुप, पिनकॉन ग्रुप, लोकहित भारती क्रेडिट को-आपरेटिव समेत कई कंपनियों के संचालकों पर मुकदमे दर्ज हुए हैं।