फतेहपुर। वैवाहिक वेबसाइट के माध्यम से ठगी का शिकार बनाने वाले गिरोह के गुर्गे भुगतान बार कोड के जरिये लेते रहे हैं। विभिन्न बैंक के बार कोड पुलिस को मिले हैं। बार कोड की जांच से स्पष्ट होगा कि किन बैंक खातों में ठगी की रकम जाती रही है। पुलिस को 13 बैंक खातों का डिटेल मिला है। इनमें यूनिक रिश्ता फर्म के नाम पर इंडियन ओवरसीज, दो पीएनबी, दो एसबीआई, एक्सिस, इंडियन बैंक के हैं।
कुल मिलाकर धोखाधड़ी की रकम इन सात बैंक खातों में आई है। बाकी छह बैंक खाते साइबर ठग आदित्य यदु और अनिल कुमार के हैं। साइबर टीम ने बैंक खातों को फ्रीज कराने के लिए बैंकों को पत्राचार किया है। इन दिनों कई छुट्टियां पड़ी हैं। इसी वजह से बैंकों से पुलिस को ईमेल का कोई जवाब नहीं मिल सका है। साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक मो. कमर खान ने बताया कि बार कोड में लेनदेन हो रहा था। बार कोड के जरिये ही आसानी से खातों की जानकारी मिल सकेगी।
10 हजार की ठगी पर देते थे 500 का कमीशन
जिले की फिलहाल टीम लीडर समेत 16 लड़कियां काम कर रही थीं। इनमें तीन टीम लीडर लड़कियों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। बाकी लड़कियों की भूमिका नहीं पाई गई है। कुछ लड़कियों ने बताया कि नौकरी के एवज में महीने में पांच हजार रुपये का वेतन मिलता था। लेकिन उन्हें कमीशन ठीक-ठाक मिल जाता था। किसी व्यक्ति को बातचीत के दौरान बड़ा पैकेज देते थे। 10 हजार तक का पैकेज देने पर 500 रुपये का कमीशन मिलता है।