हथगाम। ब्लाक क्षेत्र के रायपुर मुवारी गांव में समाजसेवी प्रधान नज्मउद्दीन की याद में ऑल इंडिया मुशायरा एवं कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। कवियों और शायरों ने भाईचारे का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ समाजसेवी शहजाद प्रधान ने देश शमा जलाकर की।
कार्यक्रम में कवि राममूर्ति सिंह परिहार (सौरभ प्रतापगढ़ी) ने पढ़ा कि और हैं जो थकान रखते हैं, हम तो केवल उड़ान रखते हैं, वो कलेजा कोई नहीं रखता जो किसान रखते हैं। तो पूरा कार्यक्रम स्थल तालियों से गूंज उठा।
ऑल इंडिया मुशायरा कवि सम्मेलन की शुरुआत अनीस इंदौरी ने नाते पाक से करके ताजमहल पर शानदार नजम पढ़ी।
हास्य कवि अखिलेश द्विवेदी ने अपनी रचनाओं से लोगों को खूब आनंदित किया। कवि शिवशरण बंधु हथगामी ने पढ़ा कि वतन के कुछ जमाखोरों की खातिर, हमारे हुक्मरां क्या कर रहे हैं, जरा नजरें इनायत कर विधाता, सड़क पर अन्नदाता मर रहे हैं।
लखनऊ से आई कावियत्री रंजना सिंह हया ने पढ़ा कि कलियां होती हैं जमाने में महकने के लिए, तुम इनसे प्यार करो तोड़ने की मत सोचो। मख़दूम फूलपुरी ने पढ़ा कि किसी को चोट लग सकती है सबको था पता लेकिन, हटाने राह से पत्थर न तुम आए न हम आए।
आलम सुल्तानपुरी ने पढ़ा कि चमन में फूल हैं जितने सभी से प्यार करते हैं जहां गीता को रखते हैं वहीं कुरआन रखते हैं। संदल अफरोज ने पढ़ा कि छोड़ दो ऐ जालिमों मक्कारियां हिंदू मुस्लिम को लड़ाना छोड़ दो।
हास्य कवि समीर शुक्ल ने पढ़ा कि टिन्निक-टिन्निक हर गंगा, मधुप श्रीवास्तव ने नर कंकाल, शिवम हथगामी, शैदा मुआरवी, राजेंद्र यादव, शोएब सुखद फतेहपुरी, जीशान अंसारी, हामिद रजा, आसी शेख ने कलाम पेश किए।
इस मौके पर शैन उद्दीन डबलू,नफीस अहमद,मुन्ना भाई, रियाज अहमद, रामबाबू यादव, फैज भाई, फिरोज मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन शायर शिवशरण बंधु ने किया।