फतेहपुर। जनपद में प्रदूषण की वजह से धुंध बढ़ी है, लेकिन उसके मापने का कोई मापक यंत्र नहीं है। प्रयागराज के उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय से ही निगरानी होती है। ऐसे में जिले के लोगों को हवा में प्रदूषण की जानकारी नहीं मिल पा रही है।
क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारी का कहना है कि जिला मुख्यालय में मापक यंत्र लगाने की स्वीकृति मिल गई है। तीन से चार महीने में यंत्र लगा दिया जाएगा। इसके बाद हर दिन का वायुमंडल में प्रदूषण की मात्रा मिलने लगेगी।
जिले का मौसम विभाग कार्यालय थरियांव कृषि केंद्र में स्थापित है। यहां पर आटोमैटिक वेदर स्टेशन (एडब्ल्यूएस) से दिनभर के उच्चतम व न्यूनतम तापमान की जानकारी दर्ज होती है। विभाग के पास वायुमंडल में प्रदूषण मापने का एक भी यंत्र नहीं है और जनपद में उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कोई कार्यालय भी नहीं है।
जनपद का नियंत्रण प्रयागराज क्षेत्रीय कार्यालय से होता है। क्षेत्रीय अधिकारी मीटिंग के अलावा आवश्यक कार्य होने पर दौरे पर आते हैं। ऐसे में व्यापार से संबंधित प्रदूषण प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर भी प्रयागराज की दौड़ लगानी पड़ती है। प्रदूषण कार्यालय के लिए किसी ने कोई पहल भी नहीं की है। हालांकि क्षेत्रीय कार्यालय से स्थानीय स्तर पर नोडल इंचार्ज सहायक वैज्ञानिक रामजस प्रसाद और सहायक पर्यावरण अभियंता कौशल कुमार को बनाया गया है।
प्रयागराज क्षेत्रीय कार्यालय से फतेहपुर और कौशांबी अटैच हैं। यह आधुनिक संसाधनों से लैस है। अभी तक जनपद में मापक यंत्र नहीं है। जरूरत पड़ने पर क्षेत्रीय कार्यालय से प्रदूषण मापक यंत्र ले जाकर वायुमंडल में प्रदूषण की टेस्टिंग करते हैं। हालांकि मुख्यालय में एक प्रदूषण मापक यंत्र लगाने की स्वीकृति मिल चुकी है। स्थान चयन करके तीन चार महीने में यंत्र स्थापित किया जाएगा। - डॉ. एससी शुक्ला, क्षेत्रीय अधिकारी, उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, प्रयागराज