खागा। स्थानीय तहसील प्रशासन के प्रयासों के बाद भी मौरंग खदानों में मनमानी काबू में नहीं आ रही है। खदानों में जलधारा में खनन करने के साथ ही खुलेआम ओवरलोडिंग का खेल जारी है और प्रशासनिक कार्यवाही केवल दो-चार ट्रकों की धरपकड़ तक सीमित है। ओवरलोडिंग छिपाने के लिए कई वाहन मालिक तिरपाल का प्रयोग कर रहे हैं, तो अधिकांश खुलेआम यह काम कर रहे है।
बता दें कि खागा तहसील क्षेत्र में मौजूदा समय दो मौरंग खदानों संचालित हो रही है। इसमें किशनपुर थाना क्षेत्र की मझगवां और धाता थाना क्षेत्र की रानीपुर खदान है।
दो अन्य खदानें फिलहाल बंद चल रही है। ऐसे में दोनों खदानों में बड़े पैमाने पर ट्रक, डपंर, ट्रैक्टरों का आवागमन चल रहा है। प्रशासनिक धरपकड़ के बाद भी खदानों से ओवरलोडिंग का खेल नहीं थम रहा है।
तहसील मुख्यालय की सड़कों पर फर्राटा भरने वाले वाहनों पर ओवरलोड मौरंग, यहां अफसरों की सतर्कता को चुनौती दे रहे हैं। खास बात ये है कि कई वाहनों मालिकों ने अब तिरपाल के जरिये ओवरलोडिंग छिपाने का खेल शुरू कर दिया है।
जबकि अधिकांश वाहन मालिक खुलेआम ओवरलोड मौरंग की ढुलाई में लगे हुए है। एसडीएम प्रहलाद सिंह ने बताया कि लगातार वाहनों की धरपकड़ हो रही है। किसी भी तरह ओवरलोडिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मझगवां व रानीपुर खदान के रास्ते पर जिपं के नाम पर वसूली
किशनपुर थाना क्षेत्र में संचालित मझगवां मौरंग खदान में मौजूदा समय वाहनों की आमद काफी तेज हुई है। ऐसे में जिला पंचायत के नाम पर यहां पर वाहनों से वसूली की जा रही है।
पहले एक बैरियर दिसंबर महीने में भी लगाया था लेकिन पुलिस ने इसे हटा दिया था। बावजूद इसके फिर से बैरियर लग गया है। खबर है कि जनवरी महीने में फिर से जिला पंचायत ने ठेके पर वाहनों से वसूली की जा रही है।
ऐसा ही हाल धाता की रानीपुर खदान में चल रहा है। जहां वाहनों से वसूली की जा रही है। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी लालता प्रसाद वर्मा ने बताया कि शासन के निर्देश पर यह वसूली हो रही है।
सड़क पर यह कार्य बिना बैरियर लगाए किया जा रहा है। अगर बैरियर लगाकर वसूली की जा रही है तो यह गलत है। ठेका 31 मार्च 2021 तक का है।
ओवरलोडिंग छिपाने के लिए ट्रकों पर लगाई जा रही तिरपाल- फोटो : FATEHPUR