ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर अल्लाह की रजा के लिए दी जाने वाली कुर्बानी के लिए बकरों की खरीदारी शबाब पर है। बाकरगंज स्थित बकरमंडी में बकरों की बड़ी बाजार में शनिवार को दूर दराज से लोग बकरों की खरीदारी करने आए। मंडी में सबसे महंगी बोली एक लाख 20 हजार रुपये की एक बकरे की लगी लेकिन कोई उसे खरीद नहीं सका। इलाहाबाद से आया बकरा व्यवसायी उसे वापस इलाहाबाद चला गया।
बकरीद 25 सितंबर को होगी। बकरीद की नजदीकियों को लेकर मुस्लिम समाज के लोग बकरों की तलाश में जुट गए हैं। गांवों में बकरों का मोल भाव शुरू हो चुका है तो शहरों सजने वाली बाजारों से कुर्बानी को बकरे खरीदे जा रहे हैं। शनिवार को बकरमंडी की बड़ी बाजार लगती है। लिहाजा इस दिन कई जिलों से बकरा व्यापारी यहां आए। स्याही से अल्लाह मुहम्मद लिखे या उस लिखावट की प्रतिकृति वाले बकरों की तरफ लोगों का आकर्षण दिखा। आमतौर पर अल्लाह लिखे बकरों को व्यापारी कुदरती बताकर ज्यादा से ज्यादा दाम वसूलने की कोशिश करते हैं। बकरमंडी के संचालक गुलाम जफर ने बताया कि बकरों की कीमत कम से कम 10 हजार रुपये की है। इससे कम दाम के बकरे मार्केट में नहीं हैं। आम तौर पर लोग 25 से 30 हजार रुपये तक के बकरे बिके। लोग सामर्थ्य के मुताबिक बकरों की खरीद फरोख्त करते दिखाई दिए। मोटे ताजे बकरों के नाम फिल्मी किरदार से रखकर बेचने वाले व्यापारी उत्साहित दिखे।
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ईदगाह में सुबह 8:30 बजे होगी नमाज
शहरकाजी शहीदुल इस्लाम अब्दुल्ला ने बताया कि ईद-उल-अजहा की नमाज 25 सितंबर दिन शुक्रवार को सुबह 8:30 बजे तुराब अली पुरवा स्थित ईदगाह में होगी। उन्होंने नमाजियों से अपील की है कि समय के पहले ईदगाह पहुंचें। घरों से जानमाज लेकर आएं और वजू भी घरों से कर के आएं तो बेहतर होगा।