धाता। गेहूं क्रय केंद्र दूर होने से क्षेत्र के किसानों को औने-पौने दामों में गेहूं बेचना पड़ रहा है। पहले कस्बे के आसपास ही खरीद होती थी लेकिन अब दोनों सरकारी खरीद केंद्र करीब 25 किलोमीटर दूर संचालित हो रहे हैं।
किसानों का कहना है कि सरकारी समर्थन मूल्य 2,585 रुपये प्रति क्विंटल तय होने के बावजूद उन्हें 2,100 से 2,200 रुपये प्रति क्विंटल तक गेहूं बेचना पड़ रहा है। किसान राकेश विश्वकर्मा, भूपेंद्र सिंह, पप्पू सिंह, भानु प्रताप सिंह, लल्लू भाई और प्रेम सिंह का कहना है कि दूरी और अन्य समस्याओं के कारण उन्होंने अपना गेहूं करीब 2150 रुपये प्रति क्विंटल में बेचा।
किसान इस समय आर्थिक दबाव में हैं। बच्चों का दाखिला, किताब-कॉपी, सिंचाई, मड़ाई और किसान क्रेडिट कार्ड के भुगतान जैसी जरूरतों के चलते उन्हें तुरंत पैसे की आवश्यकता है। धाता की साधन सहकारी समिति नरसिंहपुर कबरहा में पीसीएफ का एक कांटा संचालित हो रहा है। समिति के सचिव आरपी सिंह ने बताया कि बारदाने की कमी से खरीद प्रभावित हो रही है। अब तक मात्र 544 क्विंटल गेहूं की ही खरीद हो सकी है।