सदर विधायक विक्रम सिंह के एसडीओ सिटी अविनाश अग्रहरि को थप्पड़ मारने के आरोप ने रविवार को तूल पकड़ लिया। इसका खामियाजा आमजनता को भुगतना पड़ा। नाराज बिजली अफसरों ने सुबह साढ़े आठ बजे जिले भर में बिजली आपूर्ति बंद कर दी। वे एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे थे। इधर, जनता और अन्य दलों के प्रतिनिधियों का बढ़ता दबाव देख जिला प्रशासन ने सदर विधायक और एसडीओ के बीच वार्ता कराकर मामला हल कराया। तब चार बजकर सात मिनट पर बिजली आपूर्ति चालू हुई। करीब आठ घंटे तक हड़ताल से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। लोग गर्मी में उबल गए।
रविवार को बिजली कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले पदाधिकारियों ने हाईडिल कालोनी में नारेबाजी कर आवाज बुलंद की। सुबह करीब साढ़े आठ बजे जिले की बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी गई। धरना देते हुए बिजली अधिकारी भी सदर विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग पर अड़े रहे। दोपहर को एसडीएम प्रेम प्रकाश तिवारी और सीओ सिटी कपिल देव मिश्रा धरना स्थल पर पहुंचे और समझाने का प्रयास किया लेकिन बिजली अफसर, विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की जिद पर अड़े रहे। उस समय वार्ता विफल हो गई। सुबह से बिजली आपूर्ति बाधित रहने से शहर और ग्रामीणांचल में लोग गर्मी में बेहाल रहे। कल कारखाने बंद होने से व्यापारियों को नुकसान हुआ।
वहीं, बिजली कटौती से नाराज व्यापारी सड़कों पर उतर आए और चौक इलाके में एक्सईएन, एसडीओ का पुतला दहन किया। वहीं, वितरकों ने डीएम कैंप कार्यालय पहुंचकर एडीएम जेपी गुप्ता को ज्ञापन सौंप कर सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करने का अल्टीमेटम दे दिया। जिले की शांति व्यवस्था बिगड़ती देख प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। आनन फानन में बिजली अफसरों और सदर विधायक विक्रम सिंह की नहर कालोनी परिसर में वार्ता कराई गई, तब मामला शांत हुआ। वार्ता के बाद बिजली कर्मियों ने बिजली सप्लाई शुरू की।
अपर जिलाधिकारी जेपी गुप्ता ने बताया कि सदर विधायक विक्रम सिंह और एसडीओ सिटी अविनाश अग्रहरि के बीच वार्ता करा दी गई है। अब नाराजगी दूर हो गई है। बिजली कर्मियों ने हड़ताल वापस ले ली है।