अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। गेहूं खरीद की लगातार शिकायतों के मद्देनजर जिलाधिकारी ने सबसे बड़ी कार्रवाई की है। डीएम कुमार प्रशांत ने 27 क्रय केंद्रों पर ताला लगवा दिया। क्रय एजेंसियों के अब मात्र 58 क्रय केंद्र ही संचालित होंगे।
घटतौली, बिचौलियों के माध्यम से खरीद जैसे तमाम आरोपों के चलते गेहूं खरीद शुरुआती दौर से ही कठघरे में है। शिकायतों की हकीकत जानने के लिए डीएम ने 23 अधिकारियों की टीम तैयार की थी। टीम को 24 घंटे के अंदर क्रय केंद्रों की जांच पूरी करके रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थी। अधिकारियों के निरीक्षण के बाद जो रिपोर्ट आए उसकी हकीकत चौंकाने वाली थी। बड़े पैमाने पर खरीद केंद्रों में केंद्र प्रभारी जांच के दौरान मौके पर नहीं मिले। कई केंद्रों में खरीद का गेहूं तो डंप था लेकिन उसका लेखाजोखा नहीं था। कई केंद्रों में बिचौलिए भी सक्रिय पाए गए। किसानों ने जांच अधिकारियों को क्रय केंद्र प्रभारी के घटतौली करने की भी बात बताई। अधिकारियों की जांच रिपोर्ट आने के बाद जिलाधिकारी ने तीन खरीद एजेंसियों के 27 केंद्र बंद कराए हैं। बंद कराए गए 27 केंद्रों में से कुछ ने स्वत: भी अपने सेंटर बंद करने के आदेश दे रखे थे।
इन एजेंसियों पर गिरी गाज...
पंजीकृत सहकारी समिति व ग्रामीण किसान सहकारी समिति लिमिटेड के दस केंद्र बंद किए गए हैं। इस एजेंसी के कसेरुवा, पलनहा, बिसौली, राधानगर, सरांय सईद खां, मंझूपुर, बडनपुर, असोथर प्रथम और द्वितीय एवं मनावां केंद्र बंद किए गए हैं।
- ग्रामीण एवं कृषक विकास विपणन समिति के आठ केंद्र बंद किए गए हैं। जिनमें मवईया, बस्तापुर मोड़, बुधरामऊ, औरेई, रामनगर कौंहन, खागा, हरदों, बिंदकी केंद्र बंद कर दिए गए हैं।
- यूपी पीसीयू के असोथर, मुत्तौर, खागा मंडी, किशनपुर, अकबरपुर चोराईं, धाता, अदमापुर और पिरवाजपुर समेत आठ केंद्र बंद किए गए हैं।
- नैफेड का नोनारा स्थित सठिगवां केंद्र भी बंद कर दिया गया है।