प्रधान डाकघर में कैश लेने के लिए लगी उपभोक्ताओं की भीड़
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शनिवार को बैंकों में छुट्टी होने से उपभोक्ताओं को कैश के लिए खूब परेशान होना पड़ा। हालांकि डाकघर तो खुला रहा लेकिन यहां दस और पचास रुपये की कटी-फटी नोट होने से लोगों को दिक्कत हुई।
प्रधान डाकघर में सुबह से उपभोक्ताओं की लाइन लगने लगी। खाताधारक विड्राल फार्म भरकर काउंटर में खड़े हो गए। पहले तो लोगों को दो-दो हजार रुपये की नोट से पेमेंट किया गया लेकिन जब कैश खत्म हो गया तो करेंसी से वंचित उपभोक्ताओं ने हो हल्ला किया। इस पर कर्मचारियों ने पचास रुपये की गड्डी लाकर कैश देना शुरू किया। गड्डी खोलने पर कई नोटें कटी-फटी निकली तो कुछ में कम भी रहीं।
उपभोक्ता राकेश सविता अमरजई, मोहम्मद राशिद आबूनगर ने बताया कि कैश के लिए दो दिनों से चक्कर लगा रहे हैं। काउंटर में पेमेंट मिला तो दो नोट कटी-फटी हैं। किसी तरह काम चलाएंगे। पोस्ट मास्टर केपी सिंह ने बताया कि स्टेट बैंक से ऐसी ही नोटें मिल रही हैं तो क्या करें। कैश का संकट है।