फतेहपुर। थरियांव थाना क्षेत्र के हसवा में कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर जमीन कब्जे के मामले में छात्र नेता जितेंद्र सिंह उर्फ दीपू पटेल और हिस्ट्रीशीटर गजानन मिश्रा को रिमांड पर लेने की तैयारी है। दोनों के जेल जाने के बाद पुलिस ने बृहस्पतिवार को उनके बयान दर्ज किए। पुलिस बयान के आधार पर कोर्ट से रिमांड मांगेगी।
16 सितंबर को भूमि कब्जे को लेकर भाजपा नेता जिला पंचायत सदस्य अजय सिंह उर्फ रिंकू लोहारी और वीरेंद्र सिंह राठौर के बीच विवाद हुआ था। विहिप नेता अजय राज सिंह उर्फ अंशू सिंह के पहुंचने के बाद मारपीट और आठ राउंड फायरिंग हुई थी। हत्या की कोशिश में अजय सिंह समेत सात आरोपी जेल गए हैं। दीपू पटेल और गजानन मिश्रा ने बाद में आत्मसमर्पण किया।
पीड़ित पक्ष के अनुसार घटना में कई लाइसेंसी और अवैध असलहों का इस्तेमाल हुआ। पुलिस को अभी रिंकू लोहारी की एक रिपीटर बंदूक ही मिली है। दीपू पटेल के पास कई लाइसेंसी असलहे हैं। प्रभारी निरीक्षक एसबी सिंह ने बताया कि विवेचना के क्रम में कार्रवाई की जा रही है।
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तहसीलदार ने पांच माह में नहीं माना एसडीएम का आदेश
वीरेंद्र सिंह ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि हसवा भूमि विवाद में उपजिलाधिकारी न्यायिक सदर के 16 अप्रैल 20126 के आदेश के पांच माह बाद भी अमल नहीं हुआ। आदेश में तहसीलदार सदर के नौ अगस्त 2023 और 23 सितंबर 2024 के कंचन सिंह के विरुद्ध आदेश को स्वीकार किया गया था। आरोप है कि तहसीलदार ने पत्रावली दाखिल कर खतौनी से विपक्षीगण के नाम नहीं काटे। डीएम ने पत्रावली पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
एसपी से कृष्णा देवी ने सुरक्षा की गुहार लगाई
हसवा निवासी वीरेंद्र सिंह की मां कृष्णा देवी पत्नी स्व. सूर्यभान सिंह ने भूमि कब्जे की घटना के बाद परिवार की सुरक्षा की मांग की है। एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में उन्होंने अजय सिंह उर्फ रिंकू सिंह लोहारी समेत अन्य पर जमीन कब्जे का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोपियों के सहयोगियों से परिवार को खतरा बताते हुए सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।