हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा केंद्र के लिए
नीति बना दी गई है। बोर्ड परीक्षा 2016 में किसी भी हालत में छात्राएं 7
किमी से दूर परीक्षा देने नहीं जाएंगी। इसके लिए जरूरत पड़ी तो विभाग अलग
से परीक्षा केंद्र बनाएगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग को हर हालत में 18
अक्तूबर तक प्रस्तावित केंद्रों की सूची जिला स्तरीय केंद्र निर्धारण समिति
से अनुमोदन कराना अनिवार्य होगा।
प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जीतेंद्र
कुमार ने बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण में बोर्ड परीक्षा 2015 शांति
पूर्ण तरीके से संपन्न कराने वाले स्कूलों को प्राथमिकता देने का प्रावधान
किया है।
किसी भी केंद्र में पिछले साले के परीक्षार्थी आवंटित नहीं किए
जाएंगे। केंद्र में फर्नीचर, भवन की क्षमता के मुताबिक परीक्षार्थी आवंटित
किए जाएंगे। सर्वाधिक छात्र संख्या वाले वित्तविहीन स्कूल को पहले केंद्र
बनाया जाएगा।
इसके बाद न्यून छात्र संख्या वाले स्कूल केंद्र बनाए जा
सकेंगे। मान्यता निर्गमन के बाद दो बैच पूर्ण करने वाले माध्यमिक स्कूल ही
केंद्र बन सकेंगे। परीक्षा केंद्र की क्षमता 300 से कम और 1200 से अधिक
नहीं होगी।
केंद्र बनाने के लिए स्कूल में बाउंड्री और प्रवेश द्वार पर
मजबूत गेट होना अनिवार्य होगा। केंद्र के प्रवेश गेट तक संपर्क मार्ग होना
आवश्यक है। प्रत्येक केंद्र में एक से अधिक स्कूल के बच्चों का आवंटन किया
जाएगा।
केंद्रों की अनंतिम सूची जारी होने के बाद किसी तरह की कोई दावेदारी
पर विचार नहीं किया जाएगा। संस्थागत व व्यक्तिगत किसी भी परीक्षार्थी का
केंद्र 8 किमी से दूर तथा विषम परिस्थितियों में 12 किमी से अधिक दूर नहीं
होगा।
छात्राओं का परीक्षा केंद्र सात किमी से अधिक दूर नहीं बनाया जाएगा।
अगर किसी स्कूल की छात्राओं का निर्धारित दूरी से केंद्र अधिक दूर होता
है, तो आसपास के किसी ऐसे स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा, जिसमें
अन्य स्कूलों की अपेक्षा छात्राओं की संख्या अधिक हो।
व्यक्तिगत
परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र जिला या तहसील मुख्यालय में बनाना
अनिवार्य होगा। बोर्ड परीक्षा 2013, 14, 15 में प्रतिकूल रिपोर्ट वाला कोई
भी स्कूल परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा।